
नईदुनिया प्रतिनिधि, खंडवा। निमाड़ में पहली बार कोई राष्ट्रपति रात्रि विश्राम करने से शासन-प्रशासन द्वारा व्यापक तैयारी की जा रही है। ओंकारेश्वर में भगवान शिव और माता पार्वती रात्रि विश्राम की मान्यता के चलते अन्य कोई वीआईपी रात्रि विश्राम यहां नहीं करने की परंपरा को देखते हुए राष्ट्रपति के रात्रि विश्राम की व्यवस्था तीर्थनगरी की बजाए बांध के पार एनएचडीसी के विश्राम गृह में की गई है।
गुरुवार को हेलीपैड से राष्ट्रपति सीधे एनएचडीसी विश्राम गृह पहुंचेगी। उनके साथ उनका सुरक्षा दस्ता और खानसामा मौजूद रहेगा। ओंकारेश्वर में 38 वर्ष बाद राष्ट्रपति का आगमन हो रहा है। इससे पूर्व 1988 में आर वेंकटरमन ने भगवान ओंकारेश्वर-ममलेश्वर के दर्शन किए थे।
राष्ट्रपति के दौरे को देखते हुए प्रशासन और पुलिस ने व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की है। 17 से 19 जून तक इंदौर-ऐदलाबाद हाईवे पर भारी वाहन की आवाजाही प्रतिबंधित की गई है। वहीं 19 जून को मोरटक्का से ओंकारेश्वर मार्ग पर वाहनों की आवाजाही राष्ट्रपति के मुवमेंट के दौरान रोक दी जाएगी।
कलेक्टर ऋषव गुप्ता ने 17 से 19 जून तक संपूर्ण ओंकारेश्वर क्षेत्र तथा कोठी हेलीपैड के आसपास दो किलोमीटर के दायरे को ‘नो ड्रोन जोन’ घोषित किया है। इस अवधि में ड्रोन उड़ाने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
खंडवा पुलिस ने अंतरराष्ट्रीय सिकल सेल दिवस कार्यक्रम में आने वाले नागरिकों से सुरक्षा नियमों का पालन करने की अपील की है। कार्यक्रम स्थल पर ड्रोन, कैमरा युक्त ड्रोन, चाकू, ब्लेड, लाठी-डंडे, ज्वलनशील पदार्थ, पानी की बोतलें, बैग, झोले, गुटखा, बीड़ी-सिगरेट, अन्य नशीले पदार्थ तथा मोबाइल फोन के अलावा अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण ले जाने की अनुमति नहीं होगी। पुलिस ने नागरिकों से सहयोग की अपील करते हुए कहा है कि सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए प्रतिबंधित सामग्री कार्यक्रम स्थल पर नहीं लाने के निर्देश दिए है।
अंतरराष्ट्रीय सिकल सेल दिवस पर ग्राम थापना में राष्ट्रपति की मौजूदगी में आयोजित कार्यक्रम में सिकल सेल नियंत्रण और पी़डितों के लिए कार्य करने वाले स्वयंसेवकों सिकल सेल व रक्तमित्रों के आमंत्रित किया गया है। कार्यक्रम स्थल पर आयोजित प्रदर्शन में राष्ट्रपति द्रोपति मुर्मू सिकल सेल मि़त्रों के साथ फोटो खींचवा कर उनसे चर्चा करेंगी। सिकल सेल मित्रों में खंडवा से रक्तमित्र शैलू मंडलोई, अनिमेश जोशी, रजाक खान,लारेफ सिंघानिया,मोहन रोकडे सहित 21अन्य शामिल रहेगे बुधवार को इन्हे टीशर्ट और कीट देनेे के साथ ही इन्हे प्रशिक्षण दिया गया।
तीर्थनगरी ओंकारेश्वर में राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू की अगुवाई को लेकर दो दिन पहले से ही जिले का अमला डेरा डाले हुए है। इससे शासकीय कार्य पूरी तरह ठप हो गए। मंगलवार दोपहर के बाद से शासकीय कार्यालयों की सभी कुर्सियां खाली नजर आ रही है। इसका मुख्य कारण राष्ट्रपति के कार्यक्रम में सभी अधिकारियों की ड्यूटी लगना बताया जा रहा है। खास बात यह है कि हर अधिकारी कार्यक्रम को लेकर अत्यधिक व्यस्तता बता रहा है। यहां तक कि इस कार्यक्रम की तैयारियों और कलेक्टर-एसपी ओंकारेश्वर जाने से मंगलवार की जनसुनवाई भी फिकी रही। कलेक्टर ऋषव गुप्ता के साथ कई अधिकारी जनसुनवाई में नहीं होने से कई आवेदक वापस लौट गए। जिन अधिकारियों ने आम लोगों की शिकायतें सुनी वह भी ओंकारेश्वर जाने की जल्दबाजी में नजर आए। दरबान के कई बार आवाज लगाकर शिकायतकर्ताओं को अवगत कराया कि जल्द अपनी शिकायतें दें, क्योंकि अधिकारियों को ओंकारेश्वर निकलना है।जबकि जनसुनवाई के बाद भी एक घंटे से अधिक समय तक अधिकारियों को लेकर जाने वाली विशेष बसें परिसर में खड़ी रही।
राष्ट्रपति के कार्यक्रम का निचले कर्मचारियों ने भी जमकर फायदा उठाया और बुधवार को हर किसी ने कार्यक्रम को लेकर ओंकारेश्वर में होने का हवाला देकर अपनी जिम्मेदारियों से पल्ला झाड़ा।यहां तक कि कुछ अधिकारियों ने फोन पर बात करने दौरान भी अपने सिर पर कड़ी जिम्मेदारियां हाेने का हवाला दिया।हर अधिकारी और कर्मचारी ने राष्ट्रपति के आने से दो दिन पहले से ही सिर्फ व्यस्तताएं बताई।