
अश्विन राठौर, नईदुनिया, खंडवा। जिले के एक कन्या छात्रावास में कर्मचारियों और अधीक्षक के बीच पिछले आठ दिनों से चली आ रही तनातनी का खामियाजा आखिरकार मासूम छात्राओं को भुगतना पड़ा। मंगलवार सुबह भोजन में कच्चे चावल और कद्दू की सब्जी परोसे जाने के बाद करीब 20 से 25 बच्चियों के पेट में दर्द की शिकायत शुरू हो गई।
बच्चियों ने पालकों को सूचना दी तो वे छात्रावास पहुंचे और 108 एंबुलेंस की मदद से उन्हें रोशनी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। बुधवार को उपचार के बाद बच्चियों को वापस छात्रावास भेज दिया गया। मामले की जानकारी मिलने पर जयस संगठन के पदाधिकारी भी मौके पर पहुंचे, पंचनामा बनाया और जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग की।
मामला वीरांगना रानी दुर्गावती कन्या छात्रावास आंवलिया का है।जानकारी के अनुसार मंगलवार सुबह करीब 11 बजे बच्चियों को भोजन कराया गया।भोजन में कच्चे चावल और कद्दू की सब्जी परोसी गई थी। भोजन करने के कुछ समय बाद कई बच्चियों ने पेट दर्द की शिकायत की।
छात्राओं ने इसकी जानकारी अपने पालकों को दी।इसके बाद पालक छात्रावास पहुंचे और बच्चियों को 108 एंबुलेंस से रोशनी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां उनका उपचार किया गया।बुधवार को स्वास्थ्य में सुधार होने पर बच्चियों को वापस छात्रावास भेज दिया गया।मामले की सूचना मिलने पर जयस संगठन के पदाधिकारी भी छात्रावास पहुंचे। उन्होंने बच्चियों और पालकों से चर्चा कर पंचनामा तैयार किया तथा पूरे घटनाक्रम की जानकारी प्रशासन को देने की बात कही।
जयस पदाधिकारियों ने छात्रावास अधीक्षक नीता पोटफोड़े से भी चर्चा की।अधीक्षक ने बताया कि कर्मचारियों की लापरवाही के कारण यह स्थिति बनी। उन्होंने कहा कि छात्रावास में कर्मचारियों को लेकर पिछले आठ दिनों से विवाद चल रहा है और इसकी जानकारी पहले ही संबंधित अधिकारियों को दी जा चुकी थी।
छात्रावास अधीक्षक नीता पोटफोड़े ने बताया कि कर्मचारियों के संबंध में आठ दिन पहले ही सहायक आयुक्त को जानकारी दे दी थी। मंगलवार को वह विश्राम कर रही थीं। इसी दौरान कर्मचारी भोजन बनाकर चले गए। चावल पूरी तरह कच्चे नहीं थे, लेकिन कुछ हिस्से अधपके रह गए थे। कर्मचारियों को भोजन की गुणवत्ता में सुधार के निर्देश दिए गए हैं।
जयस संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि बच्चों के स्वास्थ्य से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।यदि भोजन की गुणवत्ता और छात्रावास की व्यवस्थाओं में लापरवाही सामने आती है तो संबंधित कर्मचारियों और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।संगठन ने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।
छात्रावास में बच्चियां बीमार हुई है, आपसे जानकारी मिली है, मैं जानकारी ले लेता हूं, कर्मचारियाें और अधीक्षक के बीच तनातनी चल रही थी, इस बात की जानकारी मुझे नहीं है, मैं अभी बात करता हूं। - नारायण सिंह, प्रभारी सहायक आयुक्त, खंडवा
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