खरगोन: वेदा नदी के पुराने पुल की प्लेट धंसी, वाहन गुजरते समय कांप रहा पुल; चालक हो रहे परेशान
पुल पर लगी लोहे की जाइंट प्लेट बेसमेंट के पास करीब डेढ़ फीट नीचे धंस गई है। इससे पुल पर बड़ा गड्ढानुमा हिस्सा बन गया है। ...और पढ़ें
Publish Date: Sun, 10 May 2026 12:57:11 PM (IST)Updated Date: Sun, 10 May 2026 12:57:11 PM (IST)
वेदा नदी पर बने पुल पर जाइंट प्लेट से हादसे की खतरा बना है। (नईदुनिया प्रतिनिधि)HighLights
- डेढ़ फीट नीचे बैठी जाइंट प्लेट, टूटी सुरक्षा जाली से हादसे का खतरा
- दोगांवा स्थित वेदा नदी पर बने पुराने पुल की हालत लगातार खराब होती जा रही है
- वाहन चालकों को निकलने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है
नईदुनिया न्यूज, कसरावद (खरगोन)। दोगांवा स्थित वेदा नदी पर बने पुराने पुल की हालत लगातार खराब होती जा रही है। पुल पर लगी लोहे की जाइंट प्लेट बेसमेंट के पास करीब डेढ़ फीट नीचे धंस गई है। इससे पुल पर बड़ा गड्ढानुमा हिस्सा बन गया है और वाहन चालकों को निकलने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
सबसे ज्यादा दिक्कत टू-व्हीलर और फोर-व्हीलर चालकों को हो रही है।स्थानीय लोगों ने बताया कि पुल पर लगी पुरानी लोहे की प्लेट धीरे-धीरे जॉइंट छोड़ रही है। एक तरफ प्लेट नीचे धंसने से वाहन चालकों को मजबूरी में धीमी गति से वाहन निकालना पड़ रहा है।
सुरक्षा जाली भी टूटी
पुल से वाहन गुजरते समय अत्यधिक कंपन महसूस हो रहा है, जिससे लोगों में डर का माहौल बना हुआ है।स्थिति को और गंभीर बना रही है पुल किनारे लगी टूटी सुरक्षा जाली। जिस स्थान पर प्लेट धंसी है, उसी के पास सुरक्षा जाली भी क्षतिग्रस्त हो चुकी है। रात के अंधेरे में यहां दुर्घटना होने की आशंका बनी हुई है।
कर्मचारियों ने अस्थायी रूप से लगाया है खतरे का संकेत
स्थानीय लोगों ने इसकी सूचना पास में बन रहे नए पुल के कर्मचारियों को दी। कर्मचारियों ने अस्थायी रूप से हरे रंग का कपड़ा बांधकर खतरे का संकेत लगाया, लेकिन लोगों का कहना है कि यह पर्याप्त नहीं है। यहां स्थायी चेतावनी बोर्ड और सुरक्षा व्यवस्था जरूरी है ताकि वाहन चालक पहले से सावधान हो सकें।
कई बार की गई मरम्मत, फिर भी समस्या जस की तस
ग्रामीणों का कहना है कि पुराना पुल अब जर्जर अवस्था में पहुंच चुका है। कई बार डामरीकरण और मरम्मत के नाम पर काम किया गया, लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई है। शुक्रवार को जाइंट प्लेट अधिक नीचे धंसने के बाद वाहन चालकों को सबसे ज्यादा परेशानी उठानी पड़ी। लोगों ने प्रशासन से जल्द स्थायी मरम्मत और सुरक्षा इंतजाम करने की मांग की है।
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