
नईदुनिया प्रतिनिधि,मंडला। महाराजपुर थाना क्षेत्र के ग्राम डुंगरिया बेंहेगा,बिही बगीचा के पास जंगल में 7 अगस्त को मिले अज्ञात महिला के जले शव की पहचान और हत्या की गुत्थी मंडला पुलिस ने सुलझा ली है। पुलिस ने मामले में रामसिंह चक्रवर्ती और चंद्रशेखर पटेल को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार दोनों ने रानू नंदा की हत्या कर पहचान छिपाने के उद्देश्य से शव पर पेट्रोल डालकर आग लगा दी थी।
पुलिस अधीक्षक राजेश रघुवंशी के निर्देशन और एसडीओपी मंडला पीयूष मिश्रा के मार्गदर्शन में मामले की जांच के लिए पांच अलग-अलग पुलिस टीमों का गठन किया गया था। जांच के दौरान चौकी हिरदेनगर में 30 जुलाई को दर्ज रानू नंदा की गुमशुदगी से पुलिस को महत्वपूर्ण सुराग मिला। तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस रामसिंह चक्रवर्ती तक पहुंची।
पुलिस के अनुसार, पूछताछ में रामसिंह ने शुरुआत में पुलिस को गुमराह करने का प्रयास किया और अलग कहानी बताई। पुलिस टीम ने उसके बयानों का उपलब्ध तथ्यों एवं तकनीकी साक्ष्यों से क्रॉस-वेरिफिकेशन किया। लगातार पूछताछ के बाद उसने रानू नंदा की हत्या में अपनी भूमिका तथा साथी चंद्रशेखर पटेल की संलिप्तता के संबंध में जानकारी दी।
पुलिस कंट्रोल रूम में जानकारी देते हुए पुलिस अधीक्षक राजेश रघुवंशी ने बताया कि पुलिस जांच में सामने आया कि 25 जुलाई को रामसिंह और रानू नंदा नागपुर गए थे, जहां दोनों 26 से 31 जुलाई तक रहे। 2 अगस्त को दोनों जबलपुर पहुंचे और तिलवारा घाट तथा भेड़ाघाट घूमने के बाद घंसौर पहुंचे। इसके बाद दोनों नैनपुर पहुंचे, जहां 3 अगस्त को चंद्रशेखर भी उनके साथ शामिल हो गया।
पुलिस के मुताबिक, इसके बाद तीनों बेंहंगा के पास सागौन बाड़ी क्षेत्र में पहुंचे। वहां रानू को झाड़ियों की ओर ले जाकर पानी में कीटनाशक दवा मिलाकर पिलाई गई। इसके बाद उसके काले स्टॉल/गमछे से गला घोंटकर हत्या कर दी गई। पहचान छिपाने के उद्देश्य से शव पर पेट्रोल डालकर आग लगा दी गई।
जांच के आधार पर पुलिस ने आरोपितों के कब्जे से मृतका के चांदी के आभूषण, सोने का मंगलसूत्र और तीन सोने की पत्तियां बरामद की हैं। इसके अलावा घटना में प्रयुक्त एचएफ डीलक्स मोटरसाइकिल, कीटनाशक दवा की खाली डिब्बी, घटना के समय पहने गए कपड़े तथा अन्य महत्वपूर्ण सामग्री भी बरामद की गई है।
रानू नंदा हत्याकांड की विवेचना के दौरान आरोपित रामसिंह चक्रवर्ती से पूछताछ में वर्ष 2020 के एक लंबित हत्याकांड के संबंध में भी महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई। पुलिस के अनुसार, थाना बम्हनी में रोशन लाल चक्रवर्ती की हत्या का मामला वर्ष 2020 में धारा 302 के तहत दर्ज हुआ था।
यह घटना 20 नवंबर 2020 की रात से 21 नवंबर की सुबह के बीच हुई थी। मृतक का शव सिलगी रोड, चिरई पहाड़ी के पास ग्राम सिलगी से करीब चार किलोमीटर पूर्व मिला था। मृतक के सिर और गले पर चोट के निशान पाए गए थे तथा प्रारंभ में अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था।
इस मामले की जांच में सहायक उप निरीक्षक धीरज नाग और आरक्षक सुनील सिंह की भूमिका भी महत्वपूर्ण रही। दोनों पूर्व में थाना बम्हनी में पदस्थ रह चुके हैं और वर्तमान में चौकी हिरदेनगर में पदस्थ हैं। पुलिस ने आरोपित के क्षेत्रीय संबंधों और पुराने मामले की जानकारी के आधार पर उससे इस हत्याकांड के संबंध में भी पूछताछ की।
पुलिस के अनुसार, क्रॉस-वेरिफिकेशन के बाद रामसिंह ने वर्ष 2020 के मामले में अपनी संलिप्तता तथा सुशील दत्त मिश्रा और संजू उर्फ संजय चक्रवर्ती से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी दी है।
पुलिस ने मामले में बराटोला देवगांव, थाना बम्हनी निवासी 38 वर्षीय रामसिंह चक्रवर्ती और भैरी बाबा मोहल्ला देवगांव, थाना बम्हनी निवासी 30 वर्षीय चंद्रशेखर पटेल को गिरफ्तार किया है। दोनों के खिलाफ विधि अनुसार अग्रिम कार्रवाई की जा रही है। पुलिस अधीक्षक राजेश रघुवंशी ने आरोपितों की गिरफ्तारी और महत्वपूर्ण खुलासे के संबंध में 10 हजार रुपये के इनाम की घोषणा की थी।
कार्रवाई में एसडीओपी मंडला पीयूष मिश्रा के नेतृत्व में उप निरीक्षक हरछठ ठाकुर, सहायक उप निरीक्षक धीरज नाग, प्रधान आरक्षक उत्तम गोठरिया, आरक्षक अमित भारतीया, आरक्षक आनंद गौतम, आरक्षक सुनील सिंह एवं चालक आरक्षक श्रीराम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।