
नईदुनिया प्रतिनिधि, मंदसौर: शहर कोतवाली पुलिस ने जीएसटी, आईटी रिटर्न के रिबेट में धोखाधड़ी करने के मामले में एक आरोपी को लगभग 800 किमी दूर मैहर जिले के रामनगर क्षैत्र से पकड़ा है। आरोपी मंदसौर में ही रहता था और लगभग सात सालों तक प्रभुलाल माली के जीएसटी और आईटी टैक्स रिटर्न संबंधी कार्य करने में धोखाधड़ी कर लगभग 15 से 20 लाख रुपये ले लिए। इसके लिए आरोपी ने व्यापारी के जीएसटी व आईटी खाते में अपने मोबाइल नंबर व इमेल आईडी डाल दी थी।
एसपी विनोद कुमार मीना ने बताया कि 11 जनवरी को प्रभुलाल माली निवासी रामटेकरी ने शहर कोतवाली में आवेदन दिया था कि 44 वर्षीय निलेश सिंह पुत्र भगवत प्रसाद बेस निवासी ममरहा थाना रामनगर जिला मैहर (मप्र) 8 साल से जीएसटी, आईटी संबंधी कार्य देख रहा था। निलेश सिंह पहले मंदसौर में ही प्रतीक डोसी की कंपनी में काम कर रहा था तभी प्रभुलाल से परिचय हुआ था।
2017 में निलेशसिंह अलग से काम करने लगा। तबसे प्रभुलाल के जीएसटी, आईटी का काम निलेश देख रहा था। निलेश जमींदार कॉलोनी में किराये के कमरे में रह रहा था। इसी दौरान निलेश ने प्रभुलाल के जीएसटी एकांउट खुद के मोबाइल नंबर और इमेल आईडी डाल दिए। फिर निलेश ने प्रभुलाल के जीएसटी अकाउंट में फर्जी बिल अन्य फर्म को देकर शासन को राजस्व की हानि पहुंचाई और उन फर्मों से कमीशन बतौर लाखों रुपये कमाए।
प्रभुलाल ने मई 2025 में शासकीय भुगतान प्राप्त होने पर आय-व्यय का रिटर्न भरने हेतु जून 2025 में निलेश से संपर्क करना चाहा तो मिला नहीं। मकान मालिक ने बताया कि निलेश पांच-छह माह पहले ही मकान खाली कर चला गया है। इसके बद प्रभुलाल ने अन्य जगह से जीएसटी, आईटी संबधी कार्रवाई के लिए संपर्क किया तब जाकर अपने खाते में हुई धोखाधड़ी की जानकारी मिली। मामले की जांच में संयुक्त पुलिस टीम गठित की गई। और उसे खोजते-खोजते मैहर पहुंच गए। वहां से गिरफ्तार कर लिया।
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आरोपित निलेशसिंह ने बताया कि मैने प्रभुलाल का आयकर, जीएसटी संबंधी कार्य 2017 से 2024 तक किया था। इस दौरान आरोपित ने फरियादी के जीएसटी, आईटी रिबेट को अन्य फर्म को पास कर लगभग 15-20 लाख का नुकसान किया है। वास्तविक नुकसान की जानकारी आरोपित के लेपटाप में हैं। शुक्रवार को आरोपित को न्या यालय में पेश किया गया जहां से उसे 30 जनवरी तक पुलिस रिमांड पर सौंपा है। अब उससे जीएसटी रिबेट किन लोगों को पास की थी इस संबंध में तथा लेपटाप व अन्य दस्तावेज जप्ती तथा पूछताछ की जाएगी।
यह नए तरीके की वारदात है जिसमें जीएसटी, आईटी रिटर्न भरने वाले को टारगेट किया गया। इस मामले में प्रभुलाल की जीएसटी रिबेट से किस फर्म को अवैध लाभ पहुंचाया गया उन्हें भी प्रकरण में आरोपी बनाया जाएगा। आरोपी ने प्रभुलाल के साथ शासन को भी वित्तीय हानि पहुंचाई है। जिसमें जांच के दौरान और भी सबूत मिल सकते हैं। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी के अनेक बैंक खातों की जानकारी मिली है उन्हें फ्रीज कराया जाएगा।