
नईदुनिया प्रतिनिधि, मंदसौर। शहर को एक बार फिर सांप्रदायिक आग में झोंकने की बड़ी साजिश हुई है और इसके बावजूद जिम्मेदारों की चुप्पी इस आग में घी डालने जैसा काम कर रही है। श्री पशुपतिनाथ महादेव मंदिर परिसर में ही स्थित श्री सहस्त्रेश्वर महादेव मंदिर में सोमवार को अपराह्न में एक मुस्लिम युवक शराब के नशे में पहुंच गया। वहां उसने कई गलत हरकतें भी कीं। सबसे बड़ी बात यह है कि इतनी बड़ी घटना होने के बाद भी पशुपतिनाथ मंदिर समिति व सिक्योरिटी एजेंसी चुप रही।
मंगलवार को जब इसको लेकर हल्ला मचा तो मंदिर समिति के बजाय सिक्योरिटी एजेंसी ने नई आबादी थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने आरोपित को गिरफ्तार कर लिया है। उसके पास से जहरीली शराब भी मिली है। इस पूरे मामले ने यहां पर निजी सुरक्षा गार्डों की व्यवस्था को बेनकाब कर दिया है। वहीं हमेशा की तरह मंदिर समिति प्रबंधक की लापरवाही भी उजागर हुई है।
श्री पशुपतिनाथ महादेव मंदिर को 2012 में ही आईबी ने डेंजर जोन में रखा था और इसे आतंकवादियों की सूची में बताते हुए यहां आने वाले श्रद्धालुओं के साथ ही मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कई उपाय भी करने को कहा था पर सरकार ने इसके लिए बजट ही नहीं दिया। और अब तो मंदिर की सुरक्षा ही निजी सुरक्षा गार्डों के भरोसे पर है। इनमें से एक भी ट्रेनिंग वाला नहीं दिखता है। न ही ठीक से काम कर रहे हैं। कई बार तो अपनी जगहों से भी गायब ही रहते हैं।
इसका ही नतीजा यह हुआ सोमवार को अपराह्न 3 बजे से शाम 4 बजे के बीच सारे गेट को पार करता हुआ शराब के नशे में इमरान पुत्र अब्दुल रशीद खलीफा निवासी नयापुरा श्री सहस्त्रेश्वर महादेव मंदिर के गर्भगृह तक पहुंच गया। वहां उसने कई ऊटपटांग हरकतें कीं। जब दूसरे लोगों ने देखकर गार्डों को बुलाया और पकड़कर बाहर लेकर आए।
इसके बाद भी समिति ने सोमवार को कोई कार्रवाई नहीं की। मंगलवार को पूर्व विधायक यशपालसिंह सिसौदिया ने इस मामले को लेकर सवाल-जवाब किए तो आनन-फानन में मंदिर की सुरक्षा एजेंसी की तरफ से नई आबादी थाने में प्रकरण दर्ज कराया गया।
अब बड़ा सवाल यही है कि सांप्रदायिक मामले बहुत ही संवेदनशील होते हैं और इसके बाद भी इस मामले में कोई कार्रवाई न कर दबाना भी अपराध की श्रेणी में आता है, इस मामले में मंदिर समिति प्रबंधक के खिलाफ भी कार्रवाई होना चाहिए।
पूर्व विधायक यशपालसिंह सिसौदिया ने कहा कि सिर्फ शराब के नशे के नाम पर आरोपित को बख्क्षा नहीं जा सकता है। क्या आरोपित का मेडिकल हुआ है, आरोपित के मंसूबे क्या थे, इसके बारे में भी प्रशासन को गंभीरता दिखाना चाहिए, मंदिर परिसर में आरोपित की हरकतें सीसीटीवी फूटेज में कैद हुई होगी।
क्या प्रशासन ने उसको चेक किया है, सारी बातों को ध्यान में रखते हुए पुलिस प्रशासन, जिला प्रशासन आरोपित पर सख्त कार्रवाई कर गंभीर धाराओं में कार्रवाई करें। यह घटना मामूली नहीं है, इस प्रकार की घटना से शहर का वातावरण बिगड़ सकता है, शांति भंग हो सकती है, इसलिए घटना की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन एवं पुलिस प्रशासन तत्परता दिखाएं और आरोपित के षड़यंत्र को भी बेनकाब करे।
पशुपतिनाथ महादेव मंदिर में मंदिर समिति प्रबंधक व सिक्यूरिटी एजेंसी के बीच साठ-गाठ के भी आरोप लगते रहते हैं। अभी लक्ष्य सिक्यूरिटी एजेंसी ग्वालियर का ठेका है। पर यहां तैनात महिला व पुरुष सुरक्षा गार्ड प्रशिक्षित नहीं है। अपनी जिम्मेदारी भी पूरी तरह नहीं निभा पा रहे हैं।
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इसका नतीजा है कि शराब पीकर आरोपित मुख्य द्वार से सहस्त्रेश्वर मंदिर तक पहुंच गया। पूर्व विधायक यशपालसिंह सिसोदिया ने इस घटना के संबंध में एसडीएम शुभम पाटीदार, मंदिर समिति प्रबंधक राहुल रुनवाल से कहा कि सुरक्षा एजेंसी का आवेदन पर्याप्त नहीं है। मंदिर समिति को भी प्रकरण दर्ज कराना चाहिए।
मंदिर में इस तरह शराब पीकर किसी का घुसना घोर लापरवाही का उदाहरण है। अभी थोड़ी सी लापरवाही में शहर की कानून-व्यघवस्थाा बिगड़ सकती है। मंदिर परिसर की सुरक्षा की समीक्षा करेंगे और जिसकी भी गलती होगी उस पर कार्रवाई के लिए कलेक्टर को लिखेंगे।– विनोद कुमार मीना, एसपी
मंदिर समिति की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा होगी। यहां देखेंगे कि निजी सुरक्षा गार्डों को पर्याप्त प्रशिक्षण मिला है या नहीं, सिक्यूरिटी एजेंसी से भी अप्रशिक्षित गार्डों को हटाने को कहेंगे।– शुभम पाटीदार, एसडीएम।
मंदिर परिसर में लक्ष्या सिक्यूरिटी एजेंसी ग्वालियर के निजी सुरक्षा गार्ड तैनात है। मुख्य द्वार पर तैनात गार्ड से पूछा भी था कि शराब पीकर आया व्यक्ति अंदर कैसे चला गया तो वह बोले थे कि ऐसा लगा नहीं था। किसी तरह की लापरवाही के आरोप गलत है।-राहुल रुनवाल, प्रबंधक, पशुपतिनाथ मंदिर समिति
हमने इमरान पुत्र अब्दुल रशीद खलीफा निवासी नयापुरा के खिलाफ धारा 298 के तहत प्रकरण दर्ज किया है। वहीं उसके पास से जहरीली शराब भी मिली है। -कुलदीपसिंह राठौर, थाना प्रभारी, नई आबादी