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नईदुनिया प्रतिनिधि, मंदसौर। अफजलपुर पुलिस ने ऐसे गिरोह का पर्दाफाश किया है, जो सीधे-साधे लोगों को नोटों की बारिश कराकर धन दोगुना करने का लालच देकर ठगी करता था। इस मामले में एक व्यक्ति से 7 लाख 70 हजार रुपये ठग लिए गए। सात-आठ माह बाद ठगी का अहसास होने पर पीड़ित ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
दो आरोपितों को गिरफ्तार किया
पुलिस ने मामले में दो आरोपितों को गिरफ्तार किया है। उनके पास से 40 हजार रुपये, एक कार और एक बाइक जब्त की गई है। दोनों आरोपितों को न्यायालय में पेश करने के बाद जिला जेल भेज दिया गया। वहीं दो अन्य आरोपित अभी फरार हैं।
पुलिस का क्या कहना
अफजलपुर थाना प्रभारी हरीश मालवीय ने बताया कि 20 अप्रैल को वरदीचंद पुत्र गोपाल कीर निवासी नंदावदा ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। शिकायत के अनुसार करीब सात-आठ माह पहले अमरसिंह पुत्र रमेश बागरी निवासी झावल ने खुद को शामगढ़ निवासी बताकर कहा था कि एक गुरुजी नोटों की बारिश कराकर रुपया दोगुना करते हैं।
अमरसिंह फरियादी को अपने झांसे में लेकर एक गुरुजी और अन्य व्यक्ति के साथ ग्राम झावल के खेतों में पूजा कराने ले गया। पूजा के नाम पर फरियादी से 2 लाख 51 हजार रुपये लिए गए। आरोपितों ने बाद में कहा कि पूजा सफल नहीं हुई है और दोबारा पूजा के लिए औंकारेश्वर जाना पड़ेगा।
इसके बाद वरदीचंद और उसकी पत्नी को अलग-अलग कारों में बैठाकर औंकारेश्वर ले जाया गया। वहां नर्मदा घाट पर पूजा कराई गई। इसी दौरान 40 वर्षीय भैरुलाल पुत्र मांगीलाल कनारची निवासी कुचड़ौद ने मरने का नाटक किया। इसके बाद अन्य आरोपितों ने दंपती को डराकर वापस नंदावदा छोड़ दिया।
शराब के नशे में खुला राज
गांव लौटने के बाद आरोपित 30 वर्षीय जगदीश पुत्र गोवर्धनलाल सोलंकी निवासी कुचड़ौद ने फरियादी से कहा कि भैरुलाल की मौत के कारण उसके परिवार वाले परेशान कर रहे हैं और उन्हें रुपये देने होंगे। डर के कारण फरियादी से टुकड़ों में 5 लाख 20 हजार रुपये और वसूल लिए गए।
कुछ समय बाद अमरसिंह शराब के नशे में वरदीचंद को मिला और उसने बताया कि भैरुलाल जिंदा है। इसके बाद वरदीचंद ने अपने स्तर पर जानकारी जुटाई तो भैरुलाल जीवित मिला। तब जाकर ठगी का खुलासा हुआ। पुलिस ने साक्ष्य एकत्र कर बीएनएस की धारा 318(4), 3(5) के तहत प्रकरण दर्ज किया।
गुरुजी बनकर करता था ठगी
पुलिस ने जांच के दौरान भैरुलाल कनारची को गिरफ्तार किया। पूछताछ में उसने अपने साथियों के नाम जगदीश सोलंकी, वाहिद हुसैन पुत्र मुबारिक शाह निवासी कुचड़ौद और अमरसिंह बताए।
पुलिस के अनुसार वाहिद हुसैन ही गुरुजी बनकर फरियादी के सामने आता था। अमरसिंह ने ही वरदीचंद को ठगी के लिए चुना था। जगदीश सोलंकी ने मृत व्यक्ति के नाम पर डराकर रुपये वसूले, जबकि भैरुलाल ने मरने का नाटक कर फरियादी को भयभीत किया।
ये हुए गिरफ्तार ये हैं फरार
फिलहाल पुलिस ने भैरुलाल कनारची और जगदीश सोलंकी को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि वाहिद हुसैन और अमरसिंह फरार हैं।
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