
नईदुनया प्रतिनिधि, मंदसौर। मंदसौर शहर में शनिवार सुबह हुए रवि माली हत्याकांड के मामले में पुलिस ने बुधवार को तीन आरोपितों को गिरफ्तार किया है। इनकी गिरफ्तारी के बाद यह साफ हो गया है कि आरोपितों ने अपने भाई की हत्या का बदला युवराज के पिता के खून से लिया है। अभी तक पुलिस ने चार आरोपितों को पकड़ा है।
आरोपितों ने रवि माली की हत्या भी इसीलिए धारदार हथियार से की है क्योंकि अरुण वर्मा की हत्या भी चाकू मारकर की गई थी। जानकारी मिल रही है कि अभी तक गिरफ्तार सभी आरोपित हत्या में सीधे शामिल है।
शहर कोतवाली टीआई पुष्पेंद्रसिंह राठौर ने बताया कि 27 जून की सुबह खेत से फूल तोड़कर घर जा रहे रवि माली निवासी कर्मचारी कालोनी की घात लगाकर बैठे हमलावरों ने धारदार हथियारों व राड से हमला कर हत्या कर दी थी। हत्याकांड के बाद शहर में सनसनी फैल गई थी। स्वजन व समाजजनों ने गांधी चौराहे पर लगभग तीन घंटे तक चक्काजाम भी किया था।
स्वजन ने हत्या की आशंका वर्मा बंधुओं व उनके साथियों पर जताई थी। ऐसे में पुलिस लगातार इस दिशा में काम करती रही। रविवार को पुलिस ने इस मामले में पहले नाबालिग आरोपित को पकड़ा था। अब बुधवार को मामले में तीन आरोपितों 31 वर्षीय अजय उर्फ अर्जुन वर्मा, आशीष वर्मा दोनों निवासी नरसिंहपुरा, 25 वर्षीय संदीप उर्फ दिलीप उर्फ काला वर्मा निवासी जोगीखेड़ा की गिरफ्तारी की है।
पुलिस ने तीनों को न्यायालय में पेश कर पुलिस रिमांड मांगा है। आशीष व अजय मृतक अरुण वर्मा के चचेरे भाई हैं। रवि माली की हत्या के मामले में अभी पुलिस को आकाश वर्मा व अन्य आरोपियों की भी तलाश है।
अभी तक आरोपितों से पूछताछ में जानकारी मिली है कि रवि माली के पुत्र युवराज द्वारा पांच अप्रैल की रात में अपने भाई अरुण वर्मा की हत्या करने के बाद से ही बदला लेने की फिराक में थे। रवि माली अपने पुत्र युवराज की जमानत कराने में लगा था और हमेशा यही कहता था कि युवराज को फंसाया जा रहा है। इसके चलते ही अरुण वर्मा के भाई आकाश वर्मा, अजय वर्मा, आशीष वर्मा व संदीप वर्मा की नजर में खटक रहा था।
रवि माली द्वारा युवराज को बचाने के प्रयास से नाराज हो रहे थे और इधर उनके मन में बदला जल्दी से लेने के भाव भी जग रहे थे। इसी के चलते सभी आरोपितों ने मिलकर रैकी की और 27 जून की सुबह अभिनंदन नगर से जग्गाखेड़ी जाने वाले कच्चे रास्तें पर खेत से फूल तोड़कर आ रहे रवि माली को घेरकर धारदार हथियारों से हमला कर हत्या कर दी।