
नईदुनिया प्रतिनिधि, मंदसौर। चितौड़ की सीबीएन टीम ने मंदसौर जिले की कचनारा चौकी के अंतर्गत आने वाले ग्राम लसुडि़या इला में खेत पर चल रही एमडी ड्रग्स की फैक्ट्री पकड़ी है। इस मामले में 21 किलो एमडी ड्रग्स जब्त कर गांव के ही दो आरोपितों को भी पकड़ा है। इधर बाहरी एजेंसी द्वारा लसूडि़या इला में ड्रग्स की फैक्ट्री पर कार्रवाई करने के मामले में कचनारा चौकी प्रभारी एसआई पूर्णिमा सिंह, सउनि युसूफ मंसूरी और आरक्षक अर्जुन सिंह को निलंबित कर दिया है। एसपी की नाराजगी इसीलिए बढ़ गई कि ग्राम लसूडि़या इला भी कचनारा चौकी से कुछ दूर ही है।
केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो राजस्थान के अधिकारियों ने शुक्रवार को लसुडि़या इला में खेत पर बनी एक गुप्त लैब का राजफाश किया है। खेत पर बने कमरे और आस-पास की जगह सिंथेटिक ड्रग बनाने की लैब चल रही थी। इसके बाद राजस्थान ने सीबीएन की जावरा सेल की मदद से ऑपरेशन को आगे बढ़ाया। मौके से 21.189 किग्रा एमडी ड्रग्स और 487 ग्राम अफीम जब्त की है। इसके अलावा 30.800 लीटर केमिकल्स (एचसीएल और दूसरे लिक्विड सब्सटेंस) व लैब के उपकरण और बनाने के 10 बैग उपकरण जब्त किए हैं। मौके से दो आरोपित पकड़े गए हैं।
लसूडि़या इला ग्राम में मिली एमडी ड्रग्स की फैक्ट्री के बाद मंदसौर एसपी विनोद कुमार मीना की नाराजगी कचनारा चौकी प्रभारी एसआई पूर्णिमा सिरोहिया, सउनि युसूफ मंसूरी और आरक्षक अर्जुन सिंह को झेलना पड़ी। तीनों को हटाने की जगह एसपी ने सीधे निलंबित कर दिया है और इनकी विभागीय जांच के आदेश भी दिए हैं। एसपी विनोद कुमार मीना द्वारा जारी आदेश में बताया गया कि शुक्रवार को दलौदा थाने की कचनारा चौकी अंतर्गत लसूड़िया ईला क्षेत्र से केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो की टीम ने भारी मात्रा में एमडी ड्रग्स जब्त की है।
पूर्व में भी सभी थाना, चौकी प्रभारियों को अपने-अपने क्षेत्र में प्रभावी सूचना संकलन कर अवैध मादक पदार्थ तस्करों के विरुद्ध कार्रवाई करने हेतु कहा गया था, किंतु कचनारा चौकी प्रभारी एवं अधीनस्थों द्वारा निर्देश को गंभीरता से नहीं लिया गया। चौकी क्षेत्र में आकर बाहरी एजेंसी द्वारा बड़ी कार्रवाई करना चौकी पर पदस्थ पुलिसकर्मियों की संदिग्धता एवं निम्न व्यवसायिक कार्य दक्षता को प्रदर्शित करता है।
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चौकी क्षेत्र में चल रही अवैध गतिविधियों पर कोई नियंत्रण नहीं करने, स्वयं कोई कार्रवाई नहीं करने तथा सूचना संकलन में बरती गई गंभीर लापरवाही, संदिग्ध आचरण एवं निम्न व्यवसायिक दक्षता के लिए उनि पूर्णिमा सिरोहिया, कार्यवाहक सउनि यूसुफ मंसूरी और आरक्षक अर्जुन सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर लाइन में भेजा जाता है। साथ ही एसडीओपी मंदसौर ग्रामीण को पांच दिनों में पूरे मामले की जांच रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं।