
नईदुनिया प्रतिनिधि, महू । बड़गोंदा थाना क्षेत्र के सीतापाट में गोदाम से बड़ी मात्रा में विस्फोटक सामग्री चोरी होने के संवेदनशील मामले में पुलिस ने जांच तेज कर दी है। जिस गोदाम से विस्फोटक चोरी हुआ है, वह सीतापाट के मुख्य मार्ग से करीब डेढ़ किलोमीटर अंदर सर्वे नंबर 212/01 और 214/01 में बना हुआ है।
गोदाम के आसपास कोई आबादी या अन्य निर्माण नहीं है। यहां चारों तरफ जंगल और झाड़ियां हैं। विस्फोटक सामग्री रखे होने के कारण गोदाम और मैगजीन में विद्युत सप्लाई भी नहीं रहती है।
पुलिस के अनुसार बदमाश गोदाम की खिड़की से अंदर दाखिल हुए और मैगजीन में रखी विस्फोटक सामग्री चोरी कर ले गए। खास बात यह है कि चोरी हुई सामग्री 7 सितंबर को ही गोदाम में लाई गई थी। इसकी जानकारी अगले दिन संबंधित प्रशासन को दी जानी थी, लेकिन उससे पहले ही रात में बदमाशों ने गोदाम को निशाना बना लिया। चोरी की जानकारी मिलने के बाद पुलिस को सूचना दी गई और जांच शुरू की गई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने गोदाम तक पहुंचने वाले सभी मार्गों पर लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले हैं। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि वारदात से पहले और बाद में किन लोगों और वाहनों की आवाजाही हुई। इसके साथ ही गोदाम के कर्मचारियों से भी पूछताछ की गई है।
पुलिस गोदाम में रखी सामग्री, उसकी सुरक्षा व्यवस्था और चोरी के दौरान मौजूद परिस्थितियों की भी जांच कर रही है। एडिशनल एसपी राज कृष्णा ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। पुलिस ने गोदाम तक पहुंचने वाले रास्तों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले हैं और कर्मचारियों से पूछताछ की है। जल्द ही मामले का खुलासा किया जाएगा।
चोरी हुई विस्फोटक सामग्री का उपयोग खदानों में चट्टानों को तोड़ने और विस्फोट करने के लिए किया जाता है। इसके क्रय, परिवहन, भंडारण और उपयोग के लिए निर्धारित नियम हैं। विस्फोटक सामग्री को बिना अनुमति या लाइसेंस के खरीदा और स्टाक नहीं किया जा सकता।
संबंधित कंपनी या लाइसेंसधारी को खरीदी गई सामग्री, उसके उपयोग, किस स्थान पर कितनी मात्रा में उपयोग हुई और कितनी सामग्री शेष है, इसका रिकार्ड रखना होता है। समय-समय पर इसका आडिट भी होता है। विस्फोटक सामग्री के स्टाक और उपयोग की जानकारी प्रशासन एवं खनिज विभाग को देना भी आवश्यक होता है। इसकी निगरानी कलेक्टर और प्रशासन के स्तर से की जाती है।
ऐसे में सीतापाट के सुनसान क्षेत्र में बने गोदाम से इतनी मात्रा में विस्फोटक सामग्री चोरी होने की घटना ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं। पुलिस अब चोरी गई सामग्री के साथ आरोपितों तक पहुंचने के प्रयास में जुटी है।
यह भी पढ़ें- जंगल में दबा था माओवादियों का बारूद बैंक, सुरक्षाबलों ने ध्वस्त किए 6 डंप, बीजापुर में मिली बड़ी कामयाबी