मुरैना में नेशनल हाईवे 44 पर पसरा अंधेरा, स्ट्रीट लाइटें गायब होने से हादसों का अड्डा बना शहर
मुरैना शहर के बीच से गुजरने वाले नेशनल हाईवे 44 पर सूरज ढलते ही अंधेरा पसर जाता है। हाईवे पर स्ट्रीट लाइटें नहीं होने से शहरी क्षेत्र अंधेरे में डूब ज ...और पढ़ें
Publish Date: Sun, 29 Mar 2026 07:53:56 PM (IST)Updated Date: Sun, 29 Mar 2026 07:56:05 PM (IST)
नेशनल हाईवे 44 पर पसरा अंधेरा( एआई फोटो)HighLights
- शहर के बीच हाईवे पर नहीं जल रहीं स्ट्रीट लाइटें
- डिवाइडर हटने के बाद दोबारा नहीं लगे पोल
- अंधेरे के कारण बढ़ रहे सड़क हादसे
नईदुनिया प्रतिनिधि, मुरैना । मुरैना शहर के बीच से गुजरने वाले नेशनल हाईवे 44 पर सूरज ढलते ही अंधेरा पसर जाता है। हाईवे पर स्ट्रीट लाइटें नहीं होने से शहरी क्षेत्र अंधेरे में डूब जाता है, जबकि शहर की सीमा के बाहर हाईवे रोशनी से जगमगाता दिखाई देता है।
सैय्यद नहर से आरटीओ चेकपोस्ट तक अंधेरा
शहर के भीतर सैय्यद नहर से लेकर होटल इंद्रलोक और आरटीओ चेकपोस्ट तक हाईवे पर कहीं भी स्ट्रीट लाइट नहीं है। तीन साल पहले हाईवे चौड़ीकरण के दौरान डिवाइडर हटाने के साथ ही लाइटों के खंभे भी हटा दिए गए थे, लेकिन अब तक दोबारा नहीं लगाए गए।
डिवाइडर हटने से नहीं बची जगह
हाईवे के एक हिस्से में डिवाइडर हटाकर दीवार बनाई गई और सड़क चौड़ी कर दी गई। करीब 60 लाख रुपये खर्च होने के बावजूद स्ट्रीट लाइट लगाने की व्यवस्था नहीं की गई, जिससे यह क्षेत्र ढाई साल से अंधेरे में है।
हादसों को दे रहा न्योता
हाईवे पर अंधेरे के कारण कई हादसे हो चुके हैं। हाल ही में एक ई-रिक्शा सड़क किनारे खड़े ट्रक से टकरा गया, जिसमें दो लोग घायल हुए। इससे पहले बाइक सवार ट्रैक्टर-ट्रॉली से टकराकर गंभीर रूप से घायल हो चुका है।