
नईदुनिया प्रतिनिधि, मुरैना। हाईवे पर 21 जनवरी की रात कार सवारों से हुई लूट का मामला पुलिस जांच में पूरी तरह पलट गया। चार दिन पहले तक पुलिस लूट को पूरी तरह फर्जी बता रही थी, मंगलवार को एसपी ने प्रेसवार्ता कर लाखों की लूट को सही बताया। लूट की यह घटना कार ड्राइवर और ट्रेवल एजेंसी के मालिक ने मिलकर अंजाम दी थी। पुलिस ने सात आरोपित दबोचे हैं, जिनके कब्जे से लूटी गई रकम में से 18 लाख 50 हजार 200 रुपये जब्त किए हैं। आरोपितों से एक एयर गन भी पुलिस को मिली है, जिसे दिखाकर आंखों में मिर्च झोंकी गई, फिर लूट को अंजाम दिया गया।
गौरतलब है कि 21 जनवरी की रात तीन बजे नेशनल हाईवे 44 पर, एसआरडी कालेज के पास कार सवार तीन लोगों को रोककर बदमाशों ने रिवाल्वर दिखाई, फिर आंखों में मिर्च पाउडर झोंककर 25 लाख की नकदी लूट ले गए। पीड़ित अमन चौधरी और बंटी किरार ने खुद को आलू व्यवसायी बताते हुए कहा कि वह गुना से रुपये लेकर आगरा जा रहे थे। इस घटना के करीब 15 घंटे बाद एएसपी सुरेंद्र पाल सिंह डावर ने सिविल लाइन थाने में प्रेसवार्ता में कहा कि अमन चौधरी व बंटी किरार से कोई ठगी नहीं हुई। यह आलू व्यापारी भी नहीं है, बल्कि साइबर ठग है। अमन व बंटी की अर्टिगा कार से चार मोबाइल व 14 एटीएम कार्ड मिले हैं। उस समय एएसपी ने कहा कि बंटी चौधरी उप्र के वाराणसी में साइबर क्राइम में पकड़ा गया, 14 महीने जेल भी रहा।
एएसपी ने बताया कि अमन चौधरी और बंटी किरार ने स्वीकार कर लिया कि उनके साथ लूट नहीं हुई, बल्कि वह भोपाल के अभिषेक पंडित के लिए काम करते थे। वह साइबर ठगी के रुपये एटीएम से निकालकर अभिषेक पंडित तक पहुंचाते थे, बदले में पांच फीसद कमीशन मिलता था। एटीएम कार्ड से जो 25 लाख निकाले, उन्हें पचाने के लिए ही फर्जी लूट की कहानी रची। एएसपी ने तब दावा किया था कि कार में 25 लाख की राशि ही नहीं थी, यह लोग गुना से आकर ग्वालियर में चार घंटे रुके, वहीं रुपये खुर्दबुर्द कर दिए। उस समय पुलिस ने घटनास्थल से मिले मिर्च पाउडर के खाली पैकेट को दिखाकर लूट को फर्जी बताया था, क्योंकि मिर्च पैकेट गुना का था।
इस मामले में एसपी समीर सौरभ ने प्रेसवार्ता कर माना कि बुधवार 21 जनवरी की रात तीन बजे अमन चौधरी व बंटी किरार से लगभग 19 लाख रुपये की लूट हुई थी। एसपी ने बताया कि लूट की घटना को कार के ड्राइवर हर्षित उर्फ हर्ष पुत्र विनोद धाकड़ उम्र 32 साल निवासी मंगलम लाज के पीछे गुना और ट्रेवल एजेंसी (कार) मालिक जीतू उर्फ जितेंद्र पुत्र कैलाश यादव उम्र 28 साल निवासी सांई बिहार कालोनी ने मिलकर रची। एसपी के अनुसार लूट का राजफाश ड्राइवर के विरोधाभासी बयानों और उसके मोबाइल के कॉल रिकार्ड से हुआ है।
उन्होंने बताया कि ट्रेवल एजेंसी के संचालक जितेंद्र पुत्र कैलाश यादव, ड्राइवर हर्ष पुत्र विनोद धाकड़ के अलावा 40 साल के गिर्राज यादव पुत्र कैलाश यादव निवासी सांई बिहार कालोनी, गौरव पुत्र बृजमोहन शर्मा उम्र 21 साल निवासी शिवाजी नगर गुना, नीरज पुत्र केरसिंह यादव उम्र 19 साल निवासी अकोदा गांव, बमोरी, रितेश पुत्र भूपत सिंह यादव उम्र 26 साल निवासी अकोदा गांव, राहुल पुत्र रामबाबू शर्मा उम्र 27 साल, निवासी चौकी के पास गुना को गिरफ्तार कर लिया है। इनके कब्जे से लूट की राशि में से 18 लाख 50 हजार 200 रुपये, एक एयर गन, लूट में उपयोग की गई स्विफ्ट कार को जब्त कर लिया गया है।
पुलिस जांच में सामने आया कि 17 जनवरी को भी अमन चौधरी व बंटी किरार ने गुना से हर्षित धाकड़ की गाड़ी किराए से की थी। उस दिन भी बैग में लाखों रुपये भरकर आगरा ले गए थे। ड्राइवर हर्षित ने पूछताछ में बताया कि उसने कई एटीएम से रुपये निकालते देखा और भांप लिया कि यह रुपया दो नंबर का है। 21 जनवरी को जब अमन चौधरी ने गाड़ी के लिए फिर से फोन किया तो वह समझ गया कि इस बार भी लाखों रुपये ले जाएंगे।
इसके बाद ड्राइवर हर्षित धाकड़ ने अपनी गाड़ी के मालिक व ट्रेवल एजेंसी के संचालक जीतू उर्फ जितेंद्र यादव को बताया कि इनसे रास्ते में रुपये लूट लेंगे, रुपया दो नंबर का है, इसकी शिकायत भी यह पुलिस में नहीं करेंगे। इसके बाद जीतू व हर्षित ने अपने पांच दोस्त और साथ में लिए। गुना निकलते ही ड्राइवर अपनी हर लोकेशन गाड़ी मालिक को देता रहा, वह पीछे-पीछे चल रहे थे। मुरैना निकलते ही सुनसान हाईवे देखकर घटना को अंजाम दे दिया। आरोपितों को दबोचने में एसआइ जितेंद्र शर्मा व प्रधान आरक्षक उदयवीर सिंह की भूमिका अहम रही।
कई सवालों के जवाब अभी भी नहीं मिले हैं। एसपी समीर सौरभ कह रहे हैं कि अमन चौधरी व बंटी किरार से जितनी मात्रा में एटीएम मिले हैं, उनसे संदेह है कि यह लोग म्यूल अकाउंट खोलकर उनमें साइबर ठगी का रुपया डलवाते थे, लेकिन एसपी ने प्रेसवार्ता में यह नहीं बताया कि जो रकम लूटी गई थी, वह एटीएम से ही निकली थी या आलू कारोबार के लिए थी।
एसपी के अनुसार इसके लिए बैंकों से जानकारी ले रहे हैं कि जब्त किए गए एटीएम से किस जगह से कब-कब कितनी राशि निकाली गई है। एसपी से जब पूछा गया कि घटना के बाद इस लूट को फर्जी बताते हुए दावा किया गया कि अमन चौधरी और बंटी किरार ने माना था कि लूट नहीं हुई, क्या पहले फरियादियों को पुराने आपराधिक रिकार्ड के कारण डराया गया था?
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