यूजीसी के नियमों पर सुप्रीम कोर्ट ने संज्ञान लिया है, सरकार भी संसोधन चाहती है: स्वामी अवधेशानंद गिरी
जूना अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर अवधेशानंद गिरी मंगलवार को मुरैना पहुंचे। वहां उन्होंने मीडिया से बात की। इस दौरान उन्होंने कहा कि यूजीसी पर सुप्रीम ...और पढ़ें
Publish Date: Wed, 11 Feb 2026 01:10:56 AM (IST)Updated Date: Wed, 11 Feb 2026 02:13:20 AM (IST)
मुरैना पहुंचे स्वामी अवधेशानंद गिरी का स्वागत करते लोगHighLights
- मुरैना पहुंचे जूना अखाड़े के स्वामी अवधेशानंद
- यूजीसी और अन्य विषयों को लेकर मीडिया से चर्चा
- कहा-हिंदूस्तान में सभी जातियों का सम्मान है
नईदुनिया प्रतिनिधि, मुरैना: जूना अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर अवधेशानंद गिरी मंगलवार को मुरैना अपने एक दिवसीय प्रवास पर पहुंचे। वे हेलीकाप्टर से यहां आये थे। इस दौरान उन्होंने हेलीपेड पर ही मीडिया से चर्चा करते हुए कहा कि ये हिंदुस्तान है, यहां का हर व्यक्ति हिंदुस्तानी है। सभी जातियों का सम्मान है। जो एकता के गीत गाएगा, जो समन्वय के गीत गाएगा वो आगे बढ़ेगा। उसी का विकास होगा।
अवधेशानंद गिरी ने यूजीसी को लेकर कहा कि यूजीसी पर सर्वोच्च न्यायालय ने संज्ञान लिया है। सरकार भी चाहती है उसमें संसोधन हो। लगता है शीघ्र ही उसमें संसोधन की प्रक्रिया आरंभ हो जाएगी। भारत सरकार प्रतिबद्ध है भारतीय संस्कृति व सनातन के लिए। पिछले दिनों में अप्रत्याशित अकाल्पनिक कार्य हुए है।
वहीं अवधेशानंद ने यह भी कहा कि धारा 370 हटना, कश्मीर के लालचौक पर तिरंगा नहीं फहराया जा सकता था, लेकिन डल झील में 10 हजार तिरंगा लेकर लोग निकले, अकेले पांच हजार बहनों ने तिरंगा फहराया। आज भारत को सामरिक सामर्थ, आर्थिक सामर्थ में गिना जाता है। आज भारत चौथी अर्थ व्यवस्था में गिना जाता है। आगामी तीन चार महीनों में तीसरी हो जाएगी।
यूपीआई और तीन तलाक पर कही यह बात
पूरे संसार के अर्थशास्त्री कह रहे हैं। हम रसिया से आगे होंगें। एक और बात कहूं, भयमुक्त एक सहज वातावरण बना है, कहीं भी बलवा या साम्प्रदायिक तनाव नहीं हुआ है। तीन तलाक का मुस्लिम महिलाओं ने आदर किया है। डिजिटल क्रांति आई है, यूपीआई जैसी व्यवस्था विदेशों में नहीं है। फ्रांस कहता है हमारे यहां यूपीआइ जैसी व्यवस्था कैसे आएगी। सिंगापुर आइटी हब है, बड़ा बंदरगाह है वहां भी ऐसी व्यवस्था नहीं है।
यह भी पढ़ें- MP में पहली बार इंदौर के MGM मेडिकल कॉलेज में होगी कैंसर की जीनोम सिक्वेंसिंग
स्वामी अवधेशानंद गिरी ने आगे कहा मैं कोई सरकार का प्रवक्ता नहीं हूं, लेकिन कह सकता है हूं भारत सरकार समरता को लेकर आई है। जातियां इस देश का सौंदर्य है। लेकिन हम जातियाें में भले बंटे हो, लेकिन हम हिंदू है। विदेशों में योग और आयुर्वेद के लिए सम्मान बढ़ा है। ये हिंदू राष्ट्र है, यहां दो प्रकार के लोग है एक हिंदू और दूसरे वे जिनके पूर्वज हिंदू थे।