
नईदुनिया प्रतिनिधि, नरसिंहपुर। नरसिंहपुर विकासखंड की शासकीय माध्यमिक शाला समनापुर (चीलाचोन) में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब मध्याह्न भोजन में खीर-पूरी खाते ही बच्चे उल्टियां करने लगे। विद्यालय में एकता स्वसहायता समूह द्वारा भोजन बनाकर परोसा जाता है। आरोप है कि समूह द्वारा गांव के एक कार्यक्रम से लाया गया 2 दिन पुराना गुथा हुआ आटा इस्तेमाल कर पूरियां बनाई गई थीं।
दोपहर 1:30 बजे जैसे ही बच्चों ने खाना शुरू किया, तो उन्हें स्वाद अजीब लगा। बच्चों की शिकायत पर प्रधान पाठक गणेशदत्त बादल ने भोजन चखा, तो पूरियों से खटास और हीक आ रही थी। इसके कुछ ही मिनटों बाद बच्चों को पेट दर्द और उल्टी की शिकायत होने लगी।

प्रधान पाठक द्वारा आपत्ति जताने पर समूह के सदस्यों ने अपनी गलती मानने से इनकार कर दिया। इसके बाद प्रधान पाठक ने तुरंत वरिष्ठ अधिकारियों को सूचना दी और उपलब्ध साधनों व एंबुलेंस की मदद से बच्चों को जिला अस्पताल भिजवाया।
घटना की जानकारी मिलते ही कलेक्टर रजनी सिंह और एसपी डा. ऋषिकेश मीना जिला अस्पताल पहुंचे तथा डॉक्टरों को बच्चों के बेहतर उपचार के निर्देश दिए। चिकित्सकों के अनुसार सभी बच्चों की स्थिति सामान्य और खतरे से बाहर है। इसके बावजूद एहतियात के तौर पर प्राथमिक शाला के 8 और माध्यमिक शाला के 37 सहित कुल 45 बच्चों को अस्पताल में भर्ती कर निगरानी में रखा गया है।

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मामले की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर रजनी सिंह ने दूषित खाना परोसने वाले एकता स्वसहायता समूह को तत्काल प्रभाव से हटा दिया है। साथ ही पूरे मामले की विस्तृत जांच के निर्देश जारी किए हैं। कलेक्टर ने स्पष्ट किया है कि बच्चों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वालों पर सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।