नरसिंहपुर में अष्टांग चिकित्सालय चौराहे पर शराब ठेके का विरोध तेज, रहवासियों ने दी आंदोलन की चेतावनी
लोगों ने एकजुट होकर इसका पुरजोर विरोध किया और स्पष्ट चेतावनी दी कि किसी भी हालत में इस स्थान पर शराब दुकान संचालित नहीं होने दी जाएगी। ...और पढ़ें
Publish Date: Sun, 03 May 2026 12:00:36 PM (IST)Updated Date: Sun, 03 May 2026 12:11:08 PM (IST)
अष्टांग चिकित्सालय चौराहे पर शराब ठेके का विरोध तेज जताते रहवासी।HighLights
- स्कूल, मंदिर और बाजार के पास दुकान पर सवाल
- दुकान को लेकर रहवासियों में भारी आक्रोश व्याप्त
- लोगों ने की प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग
नईदुनिया प्रतिनिधि, नरसिंहपुर । जिला मुख्यालय के अष्टांग चिकित्सालय चौराहे पर प्रस्तावित शराब दुकान को लेकर स्थानीय रहवासियों में भारी आक्रोश व्याप्त है। रविवार को उस समय विवाद की स्थिति बन गई, जब चौराहे पर स्थित एक शटर वाली दुकान में ठेका कर्मी शराब दुकान खोलने की तैयारी कर रहे थे।
एक ओर घनी आबादी, दूसरी ओर कई व्यावसायिक प्रतिष्ठान
इसकी जानकारी लगते ही बड़ी संख्या में मोहल्लेवासी मौके पर पहुंच गए। रहवासियों का कहना है कि यह चौराहा शहर का अत्यंत व्यस्त क्षेत्र है, जहां एक ओर घनी आबादी निवास करती है तो दूसरी ओर कई व्यावसायिक प्रतिष्ठान संचालित हैं।
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आम नागरिकों का बना रहता है आवागमन
चौराहे से करीब 100 मीटर की दूरी पर स्कूल, मंदिर और साप्ताहिक बाजार स्थित हैं, जिसके कारण यहां दिनभर महिलाओं, बच्चों और आम नागरिकों का आवागमन बना रहता है। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि ऐसे संवेदनशील और भीड़भाड़ वाले क्षेत्र में शराब दुकान खोलने की अनुमति देना नियमों के विरुद्ध है और इससे क्षेत्र का सामाजिक वातावरण बिगड़ सकता है।
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असामाजिक तत्वों की आवाजाही बढ़ेगी
लोगों का कहना है कि शराब दुकान खुलने से असामाजिक तत्वों की आवाजाही बढ़ेगी, जिससे महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा पर भी असर पड़ेगा। विरोध कर रहे रहवासियों ने प्रशासन और आबकारी विभाग से मांग की है कि इस निर्णय को तत्काल निरस्त कर दुकान को किसी अन्य उपयुक्त स्थान पर स्थानांतरित किया जाए।
ठोस कदम नहीं उठाए तो प्रदर्शन के लिए होंगे बाध्य
इस दौरान वरिष्ठ अधिवक्ता महेंद्र गोस्वामी, स्थानीय नागरिक एवं व्यवसायी अनुराग सोनी और अजय सोनी सहित अन्य लोगों ने भी कड़ा विरोध जताया और कहा कि यदि समय रहते प्रशासन ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया तो सभी रहवासी एकजुट होकर व्यापक आंदोलन और प्रदर्शन करने के लिए बाध्य होंगे। फिलहाल क्षेत्र में इस मुद्दे को लेकर तनाव और असंतोष का माहौल बना हुआ है तथा लोग प्रशासन की अगली कार्रवाई का इंतजार कर रहे हैं।