
जसवंत पुरोहित, नईदुनिया, नीमच। मध्य प्रदेश-राजस्थान सीमा पर नयागांव में वाहनों की जांच के लिए परिवहन विभाग के चेक पोस्ट संचालित होंगे। इन पर वाहनों के दस्तावेजों की जांच की जाएगी। साथ ही यातायात नियमों के उल्लंघन और ओवरलोड की दशा में वाहनों पर चालानी कार्रवाई भी की जाएगी।
चेक पोस्ट संचालन दोबारा शुरू होने से वाहन चालकों में नाराजगी का माहौल है। विदित रहे कि चेक पोस्ट की शुरुआत के बाद नयागांव में विवाद की स्थिति भी बन चुकी है। भ्रष्टाचार के आरोप भी सामने आ चुके हैं।
मप्र में एक जुलाई 2024 को परिवहन विभाग के सभी सीमावर्ती एकीकृत चेक पोस्ट बंद कर दिए गए थे, लेकिन जिले में मप्र-राजस्थान सीमा पर नयागांव में दोबारा परिवहन विभाग ने वाहनों की जांच के लिए चेक पोस्ट को दोबारा शुरू कर दिया है। होमगार्ड के जवानों के अलावा निजी कर्मचारियों को मौके पर तैनात कर मप्र से राजस्थान की ओर तथा राजस्थान से मप्र की ओर जाने वाले लोडिंग व अन्य व्यावसायिक वाहनों को जांच के लिए रोका जा रहा है।
मप्र और राजस्थान की सीमा पर परिवहन विभाग के चेक पोस्ट दोबारा शुरू होने से वाहन चालकों और ट्रांसपोर्टरों में नाराजगी है। कई लोग इसे पुरानी व्यवस्था को दोबारा स्थापित करने की कोशिश बता रहे हैं।
विदित रहे कि चेक पोस्ट पर वाहनों की जांच के दौरान एक ट्रैवलर के ड्राइवर के साथ बेरहमी से मारपीट का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसे परिवहन और पुलिस विभाग ने ट्रैवलर और लोडिंग वाहन चालक की आपसी लड़ाई बताकर मामले में कोई कार्रवाई नहीं की थी। वहीं, वाहन चालकों के स्तर पर वाहनों से वसूली और भ्रष्टाचार के आरोप वाहन चालकों द्वारा नाम न छापने की शर्त पर लगाए जा रहे हैं।
मप्र में कई स्थानों पर मप्र में अन्य राज्यों की सीमा पर एकीकृत चेक पोस्ट संचालित हो रहे थे, इन पर जांच के नाम पर अवैध वसूली के आरोप लग रहे थे। शिवराज सिंह चौहान के स्थान पर मप्र के मुख्यमंत्री के रूप में डा. मोहन यादव के दायित्व संभालने के बाद प्रदेश के सभी चेक पोस्ट बंद कर दिए गए थे। 1 जुलाई 2024 को एक आदेश के साथ सभी चेक पोस्ट बेरियर बंद कर दिए थे। इसके बाद से वाहन चालकों और ट्रांसपोर्टरों में राहत की स्थिति थी।
मप्र उच्च न्यायालय में चेक पोस्ट का मसला
मप्र में सीमावर्ती चेक पोस्ट का मसला वर्तमान में मप्र उच्च न्यायालय की एकल पीठ जबलपुर के समक्ष प्रचलित है। एकल पीठ ने 22 अप्रैल 2026 को एक आदेश जारी कर मप्र में आगामी 30 दिन में चेक पोस्ट दोबारा चालू करने के आदेश दिए थे लेकिन 11 मई 2026 को एकल पीठ ने पुन: एक आदेश जारी कर अपने 22 अप्रैल 2026 के आदेश के क्रियान्वयन पर रोक लगाइ है। इस मामले में पिटिशनर और ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के पदाधिकारी आगामी सुनवाई में अपना पक्ष रखेंगे।
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नयागांव में सीमावर्ती चेक पोस्ट बेरियर बंद कराने के लिए आम आदमी पार्टी ने लंबी लड़ाई लड़ी और जीत हासिल की। इसकी खातिर आप पदाधिकारियों ने पुलिस कार्रवाई का सामना किया, जिसमें न्यायालय से उन्हें राहत मिली। अब मप्र उच्च न्यायालय के आदेशों की आड़ लेकर जिले में परिवहन विभाग नयागांव में दोबारा चेक पोस्ट स्थापित कर रहा है। चेक पोस्ट पर लगभग 200 लोगों को तैनात किया गया है। जांच के नाम पर वाहन चालकों को परेशान किया जा रहा है, उद्देश्य बिल्कुल स्पष्ट है। जिला परिवहन अधिकारी खुद को न्यायालय और नियमों से ऊपर मानते हैं। - चंद्रेश सेन, जिला संगठन सचिव आम आदमी पार्टी नीमच
मप्र उच्च न्यायालय खंडपीठ ने मप्र ने पहले चेक पोस्ट की शुरुआत के संबंध में आदेश दिए थे, बाद में इस आदेश पर रोक लगा दी है। मप्र-राजस्थान सीमा पर नयागांव में संचालित परिवहन विभाग के चेक पोस्ट पर यातायात नियमों का उल्लंघन करने और ओवरलोड वाहनों की जांच की जा रही है। यह चेक पोस्ट आगे भी नियमों की जांच के लिए नियमित संचालित होते रहेंगे। चेक पोस्ट के संचालन से सिर्फ नियमों का पालन सुनिश्चित किया जा रहा है मप्र उच्च न्यायालय के आदेश का उल्लंघन नहीं। - नंदलाल गामड़, जिला परिवहन अधिकारी नीमच