नईदुनिया प्रतिनिधि, राजगढ़ । नगर पालिका चुनाव होने के बाद अध्यक्ष के रूप में विनोद साहू ने कामकाज तो संभाल लिया था, लेकिन मध्यप्रदेश शासन द्वारा गजट नोटिफिकेशन जारी नहीं किया था। इसको लेकर हाल ही में राजगढ़ के एक मतदाता अनिल जैन में इंदौर हाईकोर्ट के शरण ली थी।
मामले की सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने धारा 45 के तहत भाजपा समर्थिंत नपा अध्यक्ष के वित्तीय अधिकार शून्य कर दिए व आगामी लेनेदेनों पर पूरी तरह से रोक लगा दी है।
मतदाता ने लगाई याचिका
याचिकाकर्ता अनिल जैन बताया कि नगर पालिका का निर्वाचन होने के बाद जैसी अध्यक्ष द्वारा कार्यभार ग्रहण किया जाता है, तो निर्वाचन के 30 दिवस के भीतर मध्यप्रदेश शासन की ओर से नगरीय प्रशासन एवं आवास विभाग द्वारा एक गजट नोटिफिकेशन जारी किया जाता है।
उस गजट नोटिफिकेशन के आधार पर ही किसी भी अध्यक्ष को वित्तीय पावर मिलते हैं, लेकिन जब तक गजट नोटिफिकेशन न हो तब तक अध्यक्ष के पास वित्तीय अधिकार नहीं होते और यदि बिना नोटिफिकेशन के कोई अध्यक्ष वित्तीय लेनदेन करता है तो वह कानून रूप से सही नहीं माना जाता।
इसी को लेकर उन्होंने इंदौर हाईकोर्ट के वकील हर्षवर्धन शर्मा के माध्यम से एक याचिका दायर की थी। जिसकी सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने यह पाया कि चुनाव के 30 दिवस के भीतर शसन द्वारा गजट नोटिफिकेशन जारी नहीं किया है।
इसलिए अध्यक्ष को वित्तीय लेनदेन का अधिकार नहीं है। इसी के चलते उन्होंने मंगलवार को अध्यक्ष के वित्तीय अधिकार शून्य कर दिए। साथ ही आगामी लेनदेन पर पूरी तरह से रोक लगा दी है।
सिर्फ 30 दिन के भीतर ही जारी हो सकता है नोटिफिकेशन
खास बात यह है कि अध्यक्ष निर्वाचन के सिर्फ 30 दिन के भीतर ही मध्य प्रदेश शासन की ओर से नगरी प्रशासन विभाग द्वारा गजब नोटिफिकेशन जारी किया जा सकता है। इसे एक प्रकार का अनुबंध माना जाता है, लेकिन यदि सरकार की ओर से यह नोटिफिकेशन 30 दिन की भीतर यदि जारी नहीं किया जाता है तो फिर पूरे 5 साल इसे जारी करने की पात्रता नहीं होती।
इस अवधि में अध्यक्ष द्वारा जो वित्तीय अधिकारों का उपयोग किया जाता है, वह कानून रूप से उचित नहीं माना जाता। राजगढ़ नगर पालिका के मामले में भी कुछ ऐसा ही हुआ और अध्यक्ष का निर्वाचन होने के 30 दिन के भीतर सरकार द्वारा बजट नोटिफिकेशन है जारी नहीं किया गया। इसलिए अब हाईकोर्ट ने अध्यक्ष की वित्तीय अधिकार शून्य कर दिए।
क्या है धारा 45
मप्र प्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 के तहत, नगरपालिका अध्यक्ष या पार्षदों के मामले में धारा 45 के तहत गजट नोटिफिकेशन (राजपत्र अधिसूचना) चुनाव परिणामों की आधिकारिक और कानूनी घोषणा है।
जब भी कोई प्रत्याशी नगरपालिका अध्यक्ष या पार्षद पद का चुनाव जीतता है, तो राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा उसका नाम सरकारी राजपत्र में प्रकाशित किया जाता है। इस कानूनी प्रक्रिया को ही धारा 45 का गजट नोटिफिकेशन कहा जाता है।
इसके पहले भी यह लोग कोर्ट गए थे। जिसके चलते मेरे द्वारा भी न्यायालय की शरण ली थी और माननीय न्यायालय ने 13 मई 2026 को मुझे राहत प्रदान कर दी थी। अब यह लोग मेरे 13 मई के राहत वाले आदेश को छुपाते हुए दूसरी कोर्ट में गए थे। इसलिए वहां से ऐसा निर्णय आया होगा। - विनोद साहू, अध्यक्ष नगर पालिका राजगढ़