
राजगढ़। हमारे जीवन में जलावर्णन की जरूरत है। यदि शरीर में पानी कम पड़ जाए तो चेहरा नीला पड़ जाता है।पानी मोती का चला जाए तो मोती काम का नहीं। चेहरे से पानी चला जाए तो नजर आ जाता है। वैसे ही पानी यदि न हो तो हा-हाकार मच जाता है। इसलिए चारों तरफ पानी की महत्ता है।
मुझे इस बात की प्रसंता है कि यहां कालीसिंध, नेवज, अजनार की बदौलत सबसे अच्छी जल रचनाओं वाला क्षेत्र बना। पूरे देश के 700 जिलो मेें सबसे अछा काम हुआ है।
उनमें 6 जिला मप्र के हैं और उनमें राजगढ़ भी शामिल हैं। यह बात मुख्यमंत्री माेहन यादव ने जल गंगा संवर्धन अभियान के समापन मौके पर भैंसवा माता में आयोजित कार्यक्रम के दौरान कही।
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि हम सबका दायित्व है कि पुराने नदी, तालाब, कुए बवाड़ी, झरनों, उदगमों को संवारे व नए भी बनाएं। दोनों को जोड़कर जल गंगा संवर्धन अभियान की कल्पना की गई।
बड़े राज्यों में सबसे बड़ा राज्य मप्र है। जो इसमें शीर्ष पर पहुंचा है। अब तो बारिश का पानी छत पर आए तो उसको सहजने, नालों की सफाई का काम चल रहा है।

राजगढ़ में 341 करोड़ 22 लाख की लागत के विकास कार्य 30 से ज्यादा किए। उनका लोकार्पण भूमिपूजन किया। लगभग 247 करोड़ के भूमिपूजन, 100 करोड़ से अधिक लागत के 17 कार्यों का लोकार्पण हो रहा है। कार्यक्रम को पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद पटेल, मंत्री गोतम टेटवाल, सांसद रोडमल नागर ने भी संबोधित किया। जीरापुर का सांदीपनी स्कूल भी बन रहा है।
स्कूलों का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान ने हमें सिखाया कि कठिन समय में भी मित्र की मदद करो तो मित्र की निगाह नीचे नहीं होना चाहिए।निगाह नीचे हो गई तो फिर क्या मदद की। मदद करो, लेकिन अहसान मत दिखाओ। यह हमारी सनातन, व गोपाल कृष्ण की संस्कृति है। उन्होंने कृष्ण-सुदामा के साथ पढ़ाई का जिक्र किया। पहले के लोग कुआ, बवाड़ी बनाने की प्रेरणा देते थे। तीसरे साल यह अभियान जारी रहा। आने वाले सालो में हमारा काम जारी रहेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि संभवत: आने वाला समय वर्षा को लेकर चुनौती का होगा। हमारे राज्य के अंदर जितने भी जल संरक्षण के कार्य चल रहे हैं। अमृत सरोवर, यह काम चलते रहेंगे। बूंद-बूंद बचाना है व जीवन को समृद्ध करना है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 50 हजार से बढ़कर 2.50 लाख हेक्टेयर का रकबा राजगढ़ में हो गया।पलायन रूक गया।लोगों को रोजगार मिल गया। नल, उज्जवला सब दिया जा रहा है। लाडली बहनों को संबोधित करते हुए कहा कि 1 करोड़ 25 लाख बहनों को रक्षाबंधन पर सरकार के माध्यम से हर माह राखी मन रही की नहीं मन रही। यह हमारे काम करने का तरीका है। किसान सम्मान निधि किसानों के लिए। युवा स्कूल जाए तो सांदीपनी विद्यालय। चार किमी दूर स्कूल है तो साइकिल, गणवेश, किताबें दे रहे हैं।सरकार के साथ काम करने के लिए राजगढ़ तो भविष्य में और आगे बढ़ने वाला है।

-सभा के दौरान मंत्री गोतम टेटवाल ने 20 रूपये भैंसवा माता के लिए देने की मांग की थी।जबकि सांसद रोडमल नागर ने 25 करोड़ देने व विशेष क्षेत्र घोषित करने की मांग की थी।ऐसे में संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री ने 20 करोड़ देने की घोषणा की।उन्होंने कहा कि मां का आशीर्वाद है, इसलिए कोई कमी नहीं आने दी जाएगी।यहां के विकास के लिए प्रस्ताव लाइए, हम सब देंगे।लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि ज्यादा सीमेंट-कांक्रीट का उपयोग मत करना।यह जैसा स्थान है इसे प्राकृतिक रखिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जब हम सिंहस्थ में वह कार्य कर रहे हैं जो शिवराजसिंहजी के समय से स्वीकृत थे।एक स्थान पर 40 करोड़ लोग आएंगे तो उड़कर तो नहीं आएंगे।इसलिए प्रबंधन भी वैसा ही करना होगा।विश्व का सबसे बड़ा मेला है सिंहस्थ।उसका प्रबंधन हम सब कर रहे।कांग्रेस के लोगों को पता नहीं क्यों कांग्रेस के लोगों के पेट में दुखता है।