
नईदुनिया प्रतिनिधि, राजगढ़। जिले के कुछ स्कूलों में निर्माण कार्य व मरम्मत के लिए शासन द्वारा मोटी राशि जारी की गई थी। लेकिन जिम्मेदारों ने उक्त राशि से निर्माण व मरम्मत कराए बगैर ही निजी कंपनी को भुगतान कर दिया। जबकि कुछ स्कूलों की राशि उपयोग के अभाव में लैप्स हो गई। ऐसे में मामला सामने आने के बाद कलेक्टर ने जांच बैठाई थी।
जांच रिपोर्ट में वित्तीय अनियमितता सामने आने के बाद कलेक्टर डॉ. गिरीश कुमार मिश्रा ने नरसिंहगढ़ बीईओ सुनील कुमार आर्य को वहां से हटाकर राजगढ़ डीईओ में अटैच किया है, जबकि बीईओ कार्यालय के बाबू अर्पित शर्मा को निलंबित कर दिया है।
जानकारी के मुताबिक वित्तीय वर्ष 2025-26 में विभागीय परिसंपत्तियों के संधारण योजना अंतर्गत बजट शीर्ष अनुसार विकासखंड शिक्षाधिकारी द्वारा भेजे गए मांग अनुसार जिले में नरसिंहगढ़, ब्यावरा ब्लाक के विभिन्न स्कूलों में मरम्मत कार्य व रिपेयरिंग कार्य के लिए संयुक्त संचालक लोक शिक्षण मप्र भोपाल द्वारा राशि जारी की गई थी। नरसिंहगढ़ ब्लाक के विभिन्न स्कूलों में प्रत्येक स्कूल को 4.50 लाख-4.50 लाख प्रदान किए थे।
करीब 1.50 करोड़ से अधिक राशि का आवंटन हुआ था, जबकि ब्यावरा ब्लाक के 08 स्कूलों के लिए 5-5 लाख रुपये आए थे। इस राशि से स्कूलों में जरूरी मरम्मत कार्य व रिपेयरिंग करवाई जानी थी। आवंटित राशि का उपयोग हर हाल में 31 दिसंबर 2025 तक करना था। आवंटित राशि के व्यय उपरांत उपयोगिता प्रमाण-पत्र तथा कार्य पूर्णता मय चुनिंदा फोटोग्राफ उपलब्ध कराए जाने थे।
लेकिन नरसिंहगढ़ ब्लाक के अधिकांश स्कूलों में उक्त राशि का उपयोग ही नहीं किया गया। बगैर काम कराए ही किसी निजी एजेंसी को भुगतान कर दिया गया। इसके बाद कलेक्टर डॉ. गिरीश कुमार मिश्रा ने इन स्कूलों में कार्य हुआ अथवा नहीं इसकी जांच बैठा दी है। नरसिंहगढ़ में इसके लिए एसडीएम की अध्यक्षता में कमेटी बनाई गई थी।
दो मई को कलेक्टर की ओर से जारी किए गए आदेश में कहा कि खण्ड नरसिंहगढ़ अंतर्गत विद्यालयों में संचालनालय द्वारा आवंटित राशि से कराए गए भवन मरम्मत एवं सामग्री क्रय कार्यों में अनियमितताओं संबंधी शिकायत प्राप्त हुई है, जिसकी जांच प्रचलित है। जांच की गंभीरता को दृष्टिगत रखते हुए यह आवश्यक प्रतीत होता है कि जांच की निष्पक्षता एवं पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए, जिससे किसी प्रकार का प्रभाव न पड़े।
अतः कलेक्टर, राजगढ़ के रूप में प्रदत्त प्रशासनिक शक्तियों का प्रयोग करते हुए सुनील कुमार आर्य (मूल पद - व्याख्याता, उच्च पद प्रभार में प्राचार्य, शासकीय उमा विद्यालय बोडा), वर्तमान में प्रभारी विकास खण्ड शिक्षा अधिकारी, नरसिंहगढ़ को तत्काल प्रभाव से उनके वर्तमान दायित्वों से पृथक करते हुए जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय, राजगढ़ में संलग्न किया जाता है।
कलेक्टर द्वारा जारी किए गए आदेश में कहा कि विकास खण्ड शिक्षा अधिकारी कार्यालय, नरसिंहगढ़ में पदस्थ अर्पित शर्मा, सहायक ग्रेड-3 (लेखा प्रभारी) द्वारा लोक शिक्षण संचालनालय, म.प्र. भोपाल से वित्तीय वर्ष 2025-26 में प्राप्त शासकीय राशि (भवन मरम्मत एवं सामग्री क्रय मद) के उपयोग में गंभीर वित्तीय अनियमितताएं की गई हैं।
संचालनालय के निर्देशानुसार गठित समिति द्वारा संबंधित विद्यालयों का भौतिक सत्यापन किया गया, जिसमें यह पाया गया कि सामग्री क्रय संबंधी अभिलेख संबंधित संस्थाओं में उपलब्ध नहीं हैं। संबंधित प्राचार्यों द्वारा लिखित रूप से यह अभिवेदन किया गया कि उनके स्तर से कोई क्रय आदेश जारी नहीं किया गया एवं सामग्री क्रय की प्रक्रिया से वे अनभिज्ञ हैं।
प्रकरण में यह भी पाया गया कि सामग्री की आपूर्ति कथित रूप से फर्म द्वारा सीधे विद्यालयों में की गई, जबकि नियमानुसार मांग पत्र, निविदा प्रक्रिया, तुलनात्मक पत्रक, स्वीकृति आदेश, देयक एवं भुगतान संबंधी अभिलेखों का संधारण नहीं किया गया, जिससे यह स्पष्ट होता है कि संबंधित द्वारा शासकीय दायित्वों के निर्वहन में घोर लापरवाही बरती गई तथा वित्तीय अनुशासन का उल्लंघन किया गया।
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अर्पित शर्मा का उपरोक्त कृत्य प्रथम दृष्टया शासकीय धन के दुरुपयोग, वित्तीय अनियमितता, अभिलेखों के अभाव एवं कर्तव्य के प्रति उदासीनता को दर्शाता है। अतः, अर्पित शर्मा, सहायक ग्रेड-3 (लेखा प्रभारी), विकास खण्ड शिक्षा अधिकारी कार्यालय नरसिंहगढ़ को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाता है। निलंबन अवधि में श्री शर्मा का मुख्यालय कार्यालय जिला शिक्षा अधिकारी, राजगढ़ निर्धारित किया जाता है।
शासकीय हाई स्कूल आंदलहेड़ा, सोनकच्छ, बावडीखेड़ा, अमलार, लसूडलया जागीर, खानपुरा, कांसरोद, सींका, तुर्कीपुरा, कोटरा, गनियारी सहित अन्य स्कूल शामिल हैं।