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राजगढ़ के सोनू भाट का ग्लोबल धमाका: चाय वाले का बेटा जाएगा जापान; कबाड़ के प्लास्टिक से खोजा अंतरिक्ष यान बनाने का फॉर्मूला

प्रतिष्ठित जापान साइंस एक्सचेंज प्रोग्राम के लिए ब्यावरा के चाय विक्रेता प्रेमसिंह भाट के बेटे सोनू केा चयन हुआ है। वह 29 जून से 4 जुलाई तक जापान में ...और पढ़ें

By Rajesh SharmaEdited By: bhupendra Singh Rajput
Publish Date: Sat, 27 Jun 2026 04:00:52 PM (IST)Updated Date: Sat, 27 Jun 2026 04:00:52 PM (IST)
राजगढ़ के सोनू भाट का ग्लोबल धमाका: चाय वाले का बेटा जाएगा जापान; कबाड़ के प्लास्टिक से खोजा अंतरिक्ष यान बनाने का फॉर्मूला
सोनू की उपलब्धि पर पूरे जिले में खुशी का माहौल है, उन्हें बधाईयां और शुभकामनाएं देने वालों का तांता लगा हुआ है। नईदुनिया।

HighLights

  1. ब्यावरा निवासी चाय विक्रेता के बेटे सोनू भाट का प्रतिष्ठित जापान साइंस एक्सचेंज प्रोग्राम के लिए चयन
  2. प्लास्टिक और एल्युमिनियम के मिश्रण से तैयार 'प्लास्टोमेनियम' मॉडल से भारत सरकार के विज्ञान मंचों पर मिली सराहना
  3. 29 जून से 4 जुलाई तक जापान में आयोजित अंतरराष्ट्रीय विज्ञान कार्यक्रम में भारत और मध्य प्रदेश का प्रतिनिधित्व करेंगे सोनू

नईदुनिया प्रतिनिधि, राजगढ़ /ब्यावरा। कहते हैं कि प्रतिभा कभी सुख-सुविधाओं और संसाधनों की मोहताज नहीं होती। हौसलों में उड़ान हो और कुछ नया कर गुजरने का जज्बा हो, तो तंग गलियों से निकला कोई हुनर भी सात समंदर पार देश का नाम रोशन कर सकता है।

ऐसा ही एक अद्भुत और गौरवशाली कमाल कर दिखाया है राजगढ़ जिले के ब्यावरा में रहने वाले एक बेहद साधारण चाय विक्रेता प्रेमसिंह भाट के बेटे सोनू भाट ने। सोनू का चयन प्रतिष्ठित अंतर्राष्ट्रीय जापान साइंस एक्सचेंज प्रोग्राम के लिए हुआ है।


वह पूरे जिले से इकलौते ऐसे छात्र हैं, जो 29 जून से 4 जुलाई तक जापान में आयोजित होने वाले इस बड़े वैज्ञानिक मंच पर भारत और मध्य प्रदेश का प्रतिनिधित्व करेंगे।

चाय की केतली और बेटे के बड़े सपने

सोनू का परिवार बेहद सामान्य है। पिता प्रेमसिंह ब्यावरा में चाय की दुकान लगाते हैं और दिन-रात मेहनत करके परिवार का भरण-पोषण करते हैं। लेकिन पिता की इस मेहनत को सोनू ने बेकार नहीं जाने दिया। शासकीय मॉडल उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के इस होनहार छात्र ने स्कूल की प्रयोगशाला से लेकर अपने घर की चौखट तक सिर्फ बड़े सपने ही नहीं देखे, बल्कि उन्हें सच करने के लिए दिन-रात एक कर दिया।

चाय बेचने वाले के बेटे की इस अविश्वसनीय सफलता पर आज न सिर्फ उनका परिवार, बल्कि पूरा राजगढ़ जिला गर्व से फूला नहीं समा रहा है।

क्या है 'प्लास्टोमेनियम' मॉडल, जिसने वैज्ञानिकों को चौंकाया?

सोनू की इस सफलता की नींव तब पड़ी थी, जब वह कक्षा 8वीं में पढ़ रहे थे। उन्होंने पर्यावरण को नुकसान पहुँचाने वाले प्लास्टिक और एल्युमिनियम को मिलाकर एक बिल्कुल नया पदार्थ तैयार किया, जिसे उन्होंने 'प्लास्टोमेनियम' नाम दिया। सोनू ने बताया-

"यह प्रोजेक्ट आने वाले भविष्य में अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में बहुत मददगार साबित हो सकता है। इस मिश्रण से तैयार पदार्थ का उपयोग अंतरिक्ष यानों के निर्माण में किया जा सकेगा, जो इसे बेहद मजबूत और हल्का बनाएगा।"

इंस्पायर अवार्ड से शुरू हुआ सफर, अब मप्र से सिर्फ दो जांबाज

सोनू के इस अनोखे प्रयोग को सबसे पहले जिला स्तरीय 'इंस्पायर मानक अवार्ड' प्रतियोगिता में पहचान मिली। वहां से बेहतर प्रदर्शन के दम पर उनका चयन राष्ट्रीय स्तर के लिए हुआ। इसके बाद विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग, भारत सरकार की कड़े पैमानों वाली चयन प्रक्रिया के कई चरणों को पार करते हुए सोनू ने जापान का टिकट हासिल कर लिया।

विशेष बात यह है कि इस अंतर्राष्ट्रीय कार्यक्रम के लिए पूरे मध्य प्रदेश से केवल दो छात्रों का चयन हुआ है। पहले राजगढ़ जिले से हमारे सोनू भाट और दूसरे रतलाम जिले के राघव चौधरी। ये दोनों ही छात्र जापान में वैश्विक वैज्ञानिकों के सामने भारत की मेधा का लोहा मनवाएंगे।

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जिले के युवाओं के लिए बने रोल मॉडल

सोनू की इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर शिक्षा विभाग के अधिकारियों, शिक्षकों, मित्रों और क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों ने उन्हें मिठाई खिलाकर और शॉल-श्रीफल से सम्मानित किया। ब्यावरा की सड़कों पर आज सिर्फ इसी बात की चर्चा है कि कैसे एक बच्चे ने अपनी वैज्ञानिक सोच से अभावों को मात दे दी।

सोनू की यह कहानी राजगढ़ और पूरे देश के उन लाखों युवाओं के लिए एक जीवंत प्रेरणा है, जो मुश्किल हालातों में अपने सपनों को दम तोड़ने देते हैं।