रतलाम के एक गार्डन में लावारिस मिली एक साल की मासूम बच्ची, तपती धूप में बिलख रही थी
एक साल की मासूम बच्ची लावारिस हालत में मिली। तपती धूप में अकेली रो रही बच्ची के पास बच्चों के कपड़ों से भरा एक बैग भी रखा था। ...और पढ़ें
Publish Date: Thu, 14 May 2026 03:05:36 PM (IST)Updated Date: Thu, 14 May 2026 03:05:36 PM (IST)
(प्रतीकात्मक तस्वीर)HighLights
- इलाज के लिए किया अस्पताल में भर्ती, बच्ची के रोने पर आशा कार्यकर्ताओं ने देखा
- बच्ची के पास बच्चों के कपड़ों से भरा एक बैग भी रखा था
- बच्ची को जानबूझकर छोड़कर जाने की आशंका जताई जा रही है
नईदुनिया प्रतिनिधि, रतलाम। पुराने कलेक्ट्रेट स्थित गुलाब चक्कर में बुधवार दोपहर एक साल की मासूम बच्ची लावारिस हालत में मिली। तपती धूप में अकेली रो रही बच्ची के पास बच्चों के कपड़ों से भरा एक बैग भी रखा था। जिस परिस्थिति में बच्ची मिली, उससे उसे जानबूझकर छोड़कर जाने की आशंका जताई जा रही है।
जानकारी के अनुसार बुधवार दोपहर करीब 12 बजे गार्डन परिसर में आशा-उषा कार्यकर्ताओं की बैठक चल रही थी। इसी दौरान कुछ कार्यकर्ताओं की नजर पास में बैठी एक छोटी बच्ची पर पड़ी। बच्ची अकेली थी और लगातार रो रही थी। कार्यकर्ताओं ने उसके पास पहुंचकर उसे चुप कराने का प्रयास किया, लेकिन काफी देर तक कोई उसे लेने नहीं आया। इसके बाद स्टेशन रोड थाना पुलिस को सूचना दी गई।
आसपास बच्ची के स्वजन की तलाश की, लेकिन कोई नहीं मिला
सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और आसपास बच्ची के स्वजन की तलाश की, लेकिन कोई जानकारी नहीं मिल सकी। रत्तागढ़खेड़ा की आशा कार्यकर्ता शोभा पाटीदार ने बताया कि बच्ची के आसपास चींटियां लगी हुई थीं। इसके बाद उन्होंने अन्य साथियों को जानकारी दी। बच्ची के पास बच्चों के कपड़ों से भरा एक बैग भी रखा हुआ था। बच्ची को पानी पिलाया गया और बिस्किट खिलाए गए। पुलिस ने बच्ची को अपने संरक्षण में लेकर चाइल्ड लाइन टीम को सौंप दिया है। पुलिस मामले में आगे की जांच कर रही है।
आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले जा रहे हैं
बाल कल्याण समिति के निर्देश पर बच्ची का मेडिकल परीक्षण कराया गया और मातृछाया भेेजा गया। मातृ छाया में बच्ची के कमजोर लगने की स्थिति को देखते हुए उसे निजी अस्पताल में उपचार के लिए भर्ती कराया गया है। स्टेशन रोड थाना प्रभारी जितेंद्र सिंह जादौन ने बताया कि बच्ची पूरी तरह सुरक्षित है। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले जा रहे हैं, ताकि बच्ची को छोड़कर जाने वालों की पहचान की जा सके।