
नईदुनिया प्रतिनिधि, रतलाम। रतलाम से महू के लिए गुरुवार सुबह रवाना हुई डेमू ट्रेन एक बार फिर तकनीकी खराबी के कारण यात्रियों के लिए परेशानी का कारण बन गई। इंजन में आई खराबी के चलते ट्रेन गौतमपुरा स्टेशन पर करीब दो घंटे तक खड़ी रही। बाद में इंदौर से इलेक्ट्रिक इंजन मंगाकर ट्रेन को महू की ओर रवाना किया गया।
यात्रियों के अनुसार ट्रेन सुबह करीब 10 बजे रतलाम से रवाना हुई थी। इंदौर जा रहे यात्री दीपक ने बताया कि शुरुआत से ही इंजन सामान्य ढंग से काम नहीं कर रहा था। बड़नगर स्टेशन पर भी ट्रेन झटके लेकर आगे बढ़ी, जिससे तकनीकी गड़बड़ी का अंदेशा हो गया था।
सुबह करीब 11:30 बजे गौतमपुरा पहुंचते ही ट्रेन पूरी तरह रुक गई। करीब दो घंटे इंतजार के बाद इंदौर से इलेक्ट्रिक इंजन लाया गया और उसे डेमू रैक से जोड़कर दोपहर 1:35 बजे ट्रेन रवाना की गई। ट्रेन निर्धारित समय से काफी देरी से दोपहर करीब तीन बजे इंदौर पहुंची।
रतलाम मंडल में डेमू रैक लंबे समय से सेवा में हैं। नए रैक उपलब्ध नहीं होने के कारण पुराने रैक का समय-समय पर रखरखाव और आवश्यक मरम्मत कर उनका संचालन किया जा रहा है। पूर्व में भी डेमू ट्रेनों में तकनीकी खराबी और इंजन संबंधी घटनाएं सामने आ चुकी हैं।
रतलाम: पश्चिम रेलवे के रतलाम मंडल में गुरुवार को गाड़ी संख्या 12925 में सूरत से नई दिल्ली जा रही एक महिला यात्री ने रतलाम और खाचरोद के बीच चलती ट्रेन में ही बच्ची को जन्म दिया। सूचना मिलते ही रेलवे कर्मचारियों ने तत्काल कोच में पहुंचकर प्रसूता और नवजात को प्राथमिक सहायता उपलब्ध कराई।
ट्रेन के अगले स्टेशन खाचरोद पर आन ड्यूटी स्टेशन मास्टर एवं अन्य रेलवे कर्मचारियों को पूर्व सूचना देकर आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित की गई।पश्चिम रेलवे के रतलाम मंडल के जनसंपर्क अधिकारी मुकेश कुमार के अनुसार घटना एस-6 कोच में हुई। एक यात्री ने रेलवे कर्मचारियों को सूचना दी कि कोच के शौचालय में महिला को प्रसव पीड़ा के बाद डिलीवरी हो गई है।
सूचना मिलते ही संबंधित कर्मचारी मौके पर पहुंचे और महिला की सहायता शुरू की। इस दौरान कोच में मौजूद यात्रियों ने भी सहयोग करते हुए प्रसूता और नवजात के लिए सूखे कपड़े एवं कंबल उपलब्ध कराए।घटना की जानकारी तत्काल कंट्रोल को दी गई। ट्रेन के खाचरोद पहुंचते ही रेलवे कर्मचारियों ने प्रसूता, नवजात बच्ची और महिला के ससुर को सुरक्षित ट्रेन से उतारा और तत्काल चिकित्सकीय उपचार के लिए अस्पताल भिजवाया। रेलवे अधिकारियों ने बताया कि समय पर सूचना मिलने, कर्मचारियों की त्वरित कार्रवाई और सहयात्रियों के सहयोग से मां और नवजात बच्ची को सुरक्षित सहायता मिल सकी।