
नईदुनिया प्रतिनिधि, रतलाम। पश्चिम रेलवे के रतलाम मंडल ने यात्रियों के पूछताछ केंद्रों का संचालन निजी एजेंसी को सौंपने का फैसला किया है। 20 जुलाई से मंडल के नौ प्रमुख स्टेशनों पर 10 पूछताछ काउंटर आउटसोर्स एजेंसी संचालित करेगी।
इसके साथ ही रतलाम मंडल ऐसा करने वाला पश्चिम रेलवे का पहला मंडल बन जाएगा। दावा है कि इससे यात्रियों को चौबीसों घंटे आधुनिक पूछताछ सुविधा मिलेगी, जबकि वर्तमान में यहां तैनात 37 रेल कर्मचारियों को उनकी मूल जिम्मेदारियों में लगाया जाएगा।
मंडल प्रशासन ने इंदौर, रतलाम, उज्जैन, दाहोद, नीमच, चित्तौड़गढ़, देवास, नागदा और डा. अंबेडकर नगर स्टेशन के पूछताछ केंद्रों के संचालन के लिए हैदराबाद की मेगा कंस्ट्रक्शन कंपनी का चयन किया है। निविदा प्रक्रिया पूरी होने के बाद कार्यादेश जारी कर दिया गया है।
मंडल रेल प्रबंधक अश्विनी कुमार के मार्गदर्शन में वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक हिना वी. केवलरामानी, मंडल वाणिज्य प्रबंधक राजेश मथुरिया और मुख्य वाणिज्य निरीक्षक मिक्की सक्सेना ने कार्ययोजना तैयार की। फिलहाल यह व्यवस्था एक वर्ष के लिए लागू की जा रही है।
रेलमंडल जनसंपर्क अधिकारी मुकेश कुमार के अनुसार एजेंसी करीब 40 प्रशिक्षित कर्मचारियों की तैनाती करेगी। सभी कर्मचारियों को रेलवे की कार्यप्रणाली का प्रशिक्षण दिया जाएगा। वे यात्रियों को ट्रेनों और स्टेशन संबंधी जानकारी देने, कोच गाइडेंस, इंडिकेटर बोर्ड संचालन, स्वचालित व मैनुअल अनाउंसमेंट तथा दिव्यांग और वरिष्ठ नागरिक यात्रियों की सहायता का कार्य करेंगे।
अभी इन पूछताछ केंद्रों पर टिकट चेकिंग एवं रिजर्वेशन कैडर के 37 कर्मचारी कार्यरत हैं। टिकट जांच स्टाफ की कमी को देखते हुए मंडल प्रशासन ने उन्हें उनकी मूल ड्यूटी में लगाने का निर्णय लिया है। इससे ट्रेनों में टिकट जांच व्यवस्था मजबूत होगी और रेलवे के राजस्व में भी वृद्धि की उम्मीद है।