
नईदुनिया प्रतिनिधि, रतलाम। शादी कराने के नाम पर सक्रिय लुटेरी दुल्हन गिरोह ने जिले के सुखेड़ा निवासी भरत नागदा को निशाना बनाते हुए विवाह के नाम पर 2 लाख 80 हजार रुपये की ठगी कर ली। शादी के महज तीन दिन बाद ही दुल्हन अपने भाई के दुर्घटनाग्रस्त होने का बहाना बनाकर फरार हो गई। एसपी अमित कुमार के निर्देश पर सुखेड़ा पुलिस ने धोखाधड़ी का प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
सुखेड़ा निवासी गंगाबाई पत्नी राकेश पंडित ने मार्च माह में एसपी कार्यालय में शिकायत देकर बताया था कि उनकी बहन चंदाबाई निवासी नगरी, जिला मंदसौर के पुत्र भरत नागदा की शादी नहीं हो रही थी।
सुखेड़ा निवासी मोहनलाल मोगिया ने अपने उत्तर प्रदेश स्थित ससुराल में शादी कराने का प्रस्ताव दिया और करीब तीन लाख रुपये खर्च होने की बात कही। बाद में 2 लाख 80 हजार रुपये में सौदा तय हुआ। राशि गंगाबाई के खाते के माध्यम से मोहनलाल मोगिया को दे दी गई।
25 फरवरी को गंगाबाई, भरत नागदा, दिनेश शर्मा एवं मोहनलाल मोगिया बस से उज्जैन पहुंचे। इसके बाद सभी ट्रेन से उत्तर प्रदेश के दीनदयाल उपाध्याय रेलवे स्टेशन पहुंचे। वहां मोहनलाल मोगिया ने दीपक नामक व्यक्ति को बुलाया। दीपक किराये की जीप लेकर आया और सभी को लगभग 50 किलोमीटर दूर घिवही जिला सोनभद्र ले गया।
वहां उनकी मुलाकात माला पुत्री जगदीश यादव से करवाई गई। भरत ने माला को वरमाला पहनाई, मांग में सिंदूर भरा और एक स्टाम्प पेपर पर हस्ताक्षर कर विवाह की रस्म पूरी की। इसके बाद सभी लोग दुल्हन माला को लेकर उज्जैन होते हुए सुखेड़ा लौट आए।
शादी के तीन दिन बाद माला ने अपने भाई के एक्सीडेंट का हवाला देते हुए उत्तर प्रदेश जाने की बात कही। भरत उसे लेकर भोपाल रेलवे स्टेशन तक पहुंचा, जहां टिकट लाने का बहाना बनाकर माला फरार हो गई। उसका मोबाइल भी बंद हो गया।
जब भरत और उसके परिजनों ने मोहनलाल मोगिया से संपर्क किया तो दीपक नामक व्यक्ति ने 80 हजार रुपये और खर्च करने पर दूसरी शादी कराने का प्रस्ताव दे दिया। इससे परिवार को ठगी का संदेह हुआ और उन्होंने एसपी कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई।
जांच के बाद 11 जून को सुखेड़ा पुलिस ने धोखाधड़ी का प्रकरण दर्ज कर मामले को विवेचना में लिया है। एएसपी विवेक कुमार ने लोगों से विवाह के नाम पर दिए जाने वाले ऐसे प्रलोभनों से सतर्क रहने की अपील करते हुए कहा कि मामले में आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।