
नईदुनिया प्रतिनिधि, रतलाम। जब अधिकांश बच्चे कक्षा 8वीं में सामान्य विज्ञान की किताबों तक सीमित रहते हैं, तब रतलाम के छात्र राघव चौधरी के नवाचार ने उन्हें अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचा दिया है।
राघव का चयन जापान के प्रतिष्ठित सकूरा साइंस एक्सचेंज प्रोग्राम-2026 के लिए हुआ है, जहां वे भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे। यह अवसर उन्हें उनके नवाचार एडवांस इनहेलर ट्रैकिंग सिस्टम के लिए मिला है, जिसका उद्देश्य अस्थमा मरीजों को आपातकालीन स्थिति में समय पर इनहेलर उपलब्ध कराना है।
भारत सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग की इंस्पायर अवॉर्ड मानक योजना के तहत चयनित राघव 28 जून से 4 जुलाई तक जापान में आयोजित कार्यक्रम में भाग लेंगे।
12वीं कक्षा के छात्र राघव ने वर्ष 2022 में कक्षा 8वीं के दौरान एडवांस इनहेलर ट्रैकिंग सिस्टम विकसित किया था। यह ऐसा स्मार्ट उपकरण है जो अस्थमा मरीजों को जरूरत पड़ने पर उनका इनहेलर तुरंत खोजने में मदद करता है। कई बार अस्थमा अटैक के दौरान मरीज या परिजन घबराहट में इनहेलर नहीं ढूंढ पाते, जिससे स्थिति गंभीर हो सकती है।
राघव का नवाचार इसी चुनौती का समाधान प्रस्तुत करता है। सिस्टम में आइआर सेंसर, एलईडी इंडिकेटर, सायरन अलर्ट और ट्रैकिंग तकनीक का उपयोग किया गया है। यदि इनहेलर कहीं रखकर भूल जाएं या अंधेरे में नजर न आए तो यह डिवाइस उसकी लोकेशन बताता है। साथ ही मोबाइल एप से जुड़ी नोटिफिकेशन सुविधा इनहेलर के निर्धारित दायरे से बाहर जाते ही उपयोगकर्ता को तत्काल सूचना देती है।
जापान में आयोजित सकूरा साइंस प्रोग्राम के दौरान राघव विभिन्न देशों के युवा वैज्ञानिकों और शोधकर्ताओं के साथ संवाद करेंगे। उन्हें आधुनिक वैज्ञानिक प्रयोगशालाओं का भ्रमण करने तथा नई तकनीकों को समझने का अवसर मिलेगा।
राघव ने बताया कि इंस्पायर अवॉर्ड मानक योजना के तहत पहले जिला स्तर पर 10 नवाचारों का चयन होता है। इसके बाद राष्ट्रीय स्तर पर विशेषज्ञ उनकी उपयोगिता, सामाजिक प्रभाव और तकनीकी गुणवत्ता का मूल्यांकन करते हैं। श्रेष्ठ परियोजनाओं को राष्ट्रीय पहचान मिलती है, जबकि कुछ नवाचारों को अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचने का अवसर मिलता है। बुधवार को कलेक्टर मिशा सिंह ने राघव को बधाई देते हुए कहा कि उनकी उपलब्धि जिले के लिए गौरव की बात है।