
नईदुनिया प्रतिनिधि, रतलाम। जामण नदी के पास मिले 19 वर्षीय रितेश मईड़ा उर्फ रिशु की हत्या की वजह पुराने विवाद में समझौता कराने के दौरान हुई कहासुनी बनी। जन्मदिन की पार्टी में सौरभ वर्मा ने रितेश और अपने एक नाबालिग साथी के बीच समझौता कराने का प्रयास किया था। इसी दौरान बियर पीते समय रितेश ने सौरभ को अपशब्द कह दिए।
बात इतनी बढ़ी कि सौरभ और एक 17 वर्षीय नाबालिग ने विरियाखेड़ी स्थित ईंट भट्टे पर चाकू से चार से पांच वार कर रितेश की हत्या कर दी। इसके बाद शव ठिकाने लगाने के लिए आरोपितों ने परिचित से कार ली।
देर रात शव लेकर मंदसौर तक गए, लेकिन उसे फेंकने के लिए उपयुक्त जगह नहीं मिली। आखिरकार रतलाम लौटकर दोपहर करीब 12 बजे जामण क्षेत्र में शव फेंक दिया। रविवार दोपहर पुलिस अधीक्षक अमित कुमार ने प्रेस वार्ता में हत्याकांड का खुलासा किया। पुलिस के अनुसार वारदात में कुल आठ लोगों की भूमिका सामने आई है। एक आरोपित गिरफ्तार है, तीन विधि विरुद्ध बालकों को अभिरक्षा में लिया गया है, जबकि चार आरोपित फरार हैं।
पुलिस जांच में सामने आया कि रितेश का एक नाबालिग साथी से पहले से विवाद चल रहा था। 17 अक्टूबर को औद्योगिक क्षेत्र थाना क्षेत्र में दोनों के बीच विवाद हुआ था। इससे पहले कालिका माता मेले के दौरान भी कहासुनी हुई थी। पांच नवंबर की रात रितेश स्टेशन रोड क्षेत्र में आयोजित जन्मदिन की पार्टी में पहुंचा था। यहां सौरभ ने दोनों के बीच समझौता कराने का प्रयास किया। इसी दौरान बियर पीते समय रितेश ने सौरभ को भी अपशब्द कह दिए। इसके बाद विवाद बढ़ गया और आरोपित रितेश को शराब पिलाने के बहाने विरियाखेड़ी स्थित ईंट भट्टे पर ले गए। यहां सौरभ और 17 वर्षीय नाबालिग ने चाकू से गले, पेट और पीठ पर चार से पांच वार किए। गंभीर चोटों के कारण रितेश की मृत्यु हो गई।
हत्या के बाद शव ठिकाने लगाने के लिए आरोपितों ने अपने परिचित विपुल सक्सेना से कार ली थी। उसे बताया गया था कि एक बीमार व्यक्ति को छोड़ने जाना है। शव कार की डिक्की में रखकर आरोपित देर रात करीब चार बजे फोरलेन के रास्ते मंदसौर तक पहुंचे। वहां शव फेंकने के लिए उपयुक्त स्थान नहीं मिलने पर वे वापस रतलाम लौट आए। इसके बाद छह नवंबर को दोपहर करीब 12 बजे जामण क्षेत्र में सुनसान स्थान पर शव फेंक दिया।
एसपी अमित कुमार के अनुसार वारदात के समय छह लोग घटनास्थल पर मौजूद थे, जबकि दो नाबालिग साथी कार लेकर आए थे। इस तरह कुल आठ आरोपितों की भूमिका सामने आई है। पुलिस ने सौरभ वर्मा को गिरफ्तार किया है और तीन विधि विरुद्ध बालकों को अभिरक्षा में लिया है। फरार आरोपितों में सुजल जैन, अमन बच्चा, विकास उर्फ अज्जू मेघवाल और समीर लाला कुरैशी शामिल हैं। पुलिस की टीमें इनकी तलाश में जुटी हैं। एसपी ने बताया कि पूछताछ के दौरान एक नाबालिग के चेहरे पर घटना को लेकर कोई पछतावा नजर नहीं आया। प्रकरण को चिन्हित अपराध में शामिल किया जाएगा।
छह नवंबर को शाम करीब पांच बजे दीनदयाल नगर थाना पुलिस को अज्ञात शव मिलने की सूचना मिली थी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर एफएसएल टीम से साक्ष्य संकलित कराए। मृतक की पहचान रितेश पिता शंभू मईड़ा निवासी दीनदयाल नगर के रूप में हुई। पोस्टमार्टम में धारदार हथियार से कई वार किए जाने के कारण मृत्यु होने की पुष्टि हुई। इसके बाद हत्या का प्रकरण दर्ज कर पुलिस ने स्वजन और परिचितों से पूछताछ शुरू की। संदिग्धों की तलाश के दौरान कुछ युवक घरों से गायब मिले। पुलिस ने आठ नवंबर को सौरभ वर्मा और तीन विधि विरुद्ध बालकों को अभिरक्षा में लेकर पूछताछ की, जिसमें हत्याकांड का घटनाक्रम सामने आया।
पुलिस अधीक्षक अमित कुमार के निर्देशन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विवेक कुमार लाल और राकेश पंद्रो के मार्गदर्शन तथा नगर पुलिस अधीक्षक सत्येंद्र घनघोरिया के नेतृत्व में थाना प्रभारी अनुराग यादव सहित टीम ने कार्रवाई की। इसमें उप निरीक्षक राजेंद्र चौहान, सहायक उप निरीक्षक बसील गनावा, प्रधान आरक्षक सुरेंद्र तथा आरक्षक संदीप कुमावत, दीपक सिंह और राजू गरवाल की भूमिका रही।