
नईदुनिया प्रतिनिधि, रतलाम। छोटे से कस्बा आलोट के युवा वैज्ञानिक आदित्य मांदलिया ने देश की अत्याधुनिक रक्षा तकनीक के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। रक्षा एवं इंजीनियरिंग क्षेत्र की अग्रणी कंपनी लार्सन एंड टूब्रो (एलएंडटी) द्वारा विकसित स्वदेशी लेजर आधारित डायरेक्टेड एनर्जी वेपन सिस्टम ‘तेजास्त्र’ के विकास में उनकी अहम भूमिका है।
हाल ही में इस अत्याधुनिक प्रणाली का प्रदर्शन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के समक्ष किया गया, जहां उन्होंने परियोजना से जुड़े विज्ञानियों और इंजीनियरों के कार्य की सराहना की।
‘तेजास्त्र’ एक उन्नत लेजर वेपन सिस्टम है, जिसे ड्रोन, यूएवी और अन्य हवाई खतरों को निष्क्रिय करने के लिए विकसित किया गया है। इस परियोजना के विकास और तकनीकी प्रस्तुतीकरण में 33 वर्षीय आदित्य मांदलिया ने महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभाई। वर्तमान में वे एलएंडटी प्रिसिजन इंजीनियरिंग सिस्टम्स के टेक्नोलॉजी एंड इनोवेशन सेंटर में सीनियर मैनेजर के पद पर कार्यरत हैं।
यह भी पढ़ें- शिवपुरी में दो भीषण सड़क हादसे, रेत के डंपर और तेज रफ्तार बस ने ली चार की जान, 3 घायल
पिछले 12 वर्षों से आदित्य डायरेक्टेड एनर्जी वेपन्स, हाई-एनर्जी सिस्टम्स और फोटोनिक्स जैसे अत्याधुनिक क्षेत्रों में कार्य कर रहे हैं। उनके नाम चार राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पेटेंट तथा कई शोध प्रकाशन दर्ज हैं।
उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा आलोट में प्राप्त की और बाद में इंदौर के एक निजी कॉलेज से मैकेनिकल इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल की। उत्कृष्ट शैक्षणिक प्रदर्शन के लिए उन्हें चांसलर्स स्कॉलरशिप से भी सम्मानित किया जा चुका है। आदित्य के पिता अजय कुमार मांदलिया आलोट के जगदेवगंज क्षेत्र में किराना दुकान संचालित करते हैं। माता अलका मांदलिया गृहिणी हैं।