
नईदुनिया प्रतिनिधि, रीवा। प्रवर्तन निदेशालय ईडी ने शुक्रवार की सुबह रीवा शहर के इन्द्रा नगर स्थित संविदाकार त्रिवेणी प्रसाद मिश्रा के आवास पर बड़ी कार्रवाई की है। सुबह करीब 6 बजे ईडी की टीम केंद्रीय सुरक्षा बलों के साथ मिश्रा के घर पहुंची और छापेमारी शुरू कर दी।
सूत्रों के मुताबिक, त्रिवेणी प्रसाद मिश्रा रीवा और आसपास के जिलों में सरकारी निर्माण कार्यों से जुड़े बड़े संविदाकार हैं। उन पर मनी लॉन्ड्रिंग, आय से अधिक संपत्ति और सरकारी ठेकों में फर्जीवाड़े के आरोप हैं। ईडी को संदेह है कि मिश्रा ने कई शेल कंपनियों के जरिए सरकारी पैसे को निजी संपत्ति में बदला है। इसी सिलसिले में प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत यह छापेमारी की जा रही है।
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि ईडी के अधिकारी 3 गाड़ियों में सुबह इन्द्रा नगर पहुंचे। उनके साथ सीआरपीएफ के जवान भी थे। टीम ने घर को चारों तरफ से घेर लिया और किसी को भी अंदर-बाहर जाने से रोक दिया। घर के अंदर दस्तावेज, लैपटॉप, मोबाइल और बैंक खातों की जांच की जा रही है।
मिश्रा और उनके परिजनों से पूछताछ भी जारी है। त्रिवेणी प्रसाद मिश्रा रीवा के जाने-माने संविदाकार हैं। पिछले 15 सालों में इन्हें पीडब्लूडी जल संसाधन विभाग और नगर निगम के करोड़ों के ठेके मिले हैं। रीवा के अलावा सतना, सीधी और मऊगंज में भी इनकी फर्में काम कर रही हैं।
कुछ समय पहले लोकायुक्त में भी इनके खिलाफ आय से अधिक संपत्ति की शिकायत हुई थी। इन्द्रा नगर में ईडी की कार्रवाई के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। बड़ी संख्या में लोग मिश्रा के घर के बाहर जमा हो गए।
स्थानीय लोगों का कहना है कि पिछले कुछ सालों में मिश्रा की संपत्ति में अचानक बहुत बढ़ोतरी हुई है। इन्द्रा नगर में आलीशान मकान के अलावा रीवा में कई प्लॉट और फार्म हाउस भी खरीदे गए हैं। सूत्रों का दावा है कि मिश्रा ने सरकारी कामों में फर्जी बिल लगाकर करोड़ों का भुगतान लिया।
कई ऐसी कंपनियों के नाम सामने आए हैं जिनके जरिए पैसे को ठिकाने लगाया गया। रिश्तेदारों और ड्राइवरों के नाम पर जमीन-मकान खरीदने का संदेह। कुछ नेताओं को ठेकों में हिस्सेदारी देने के आरोपों की भी जांच हो रही है।
अगर सबूत मिले तो मिश्रा की संपत्ति अटैच की जा सकती है और गिरफ्तारी भी हो सकती है। फिलहाल छापेमारी जारी है। ईडी के अधिकारी इस मामले में मीडिया से बात करने से बच रहे हैं। यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब मध्य प्रदेश में ईडी लगातार बड़े संविदाकारों और नेताओं पर शिकंजा कस रही है। इससे पहले सतना और जबलपुर में भी ठेकेदारों के यहां छापे पड़ चुके हैं।