
नईदुनिया प्रतिनिधि, रीवा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव रविवार शाम दिल्ली से सीधे रीवा पहुंचे और रीवा-शहडोल संभाग में अतिवृष्टि तथा बाढ़ की स्थिति की समीक्षा की। रीवा एयरपोर्ट पर आयोजित बैठक में उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल, मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल सहित जनप्रतिनिधि और वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों में किसी भी तरह की कमी नहीं रखने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार हर बाढ़ प्रभावित परिवार के साथ खड़ी है। प्रभावित क्षेत्रों में लोगों, पशुओं और संपत्ति की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि जहां अभी भी बाढ़ का पानी मौजूद है, वहां राहत शिविरों का बेहतर संचालन किया जाए और लोगों के लिए भोजन, पेयजल, चिकित्सा सहित सभी आवश्यक व्यवस्थाएं पर्याप्त मात्रा में सुनिश्चित की जाएं।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि बाढ़ से प्रभावित सभी गांवों और नगरीय क्षेत्रों के वार्डों में विशेष चिकित्सा शिविर लगाए जाएं। जिन क्षेत्रों में बाढ़ का पानी उतर चुका है, वहां तत्काल शासकीय अमले को भेजकर स्थिति का जायजा लिया जाए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि प्रभावित नागरिकों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए।
उन्होंने जलजनित बीमारियों की आशंका को देखते हुए सभी जल स्रोतों और हैंडपंपों में ब्लीचिंग पाउडर आदि से क्लोरिनेशन कराने के निर्देश दिए। साथ ही बाढ़ प्रभावित इलाकों में शिविर लगाकर साफ-सफाई का विशेष अभियान चलाने को कहा।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बाढ़ के कारण जिन लोगों का घर, खाने-पीने का सामान या अन्य आवश्यक सामग्री नष्ट हुई है, उन्हें आरबीसी 64 के तहत तत्काल सहायता उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने प्रभावितों के नुकसान का आकलन संवेदनशीलता के साथ करने और पात्र लोगों को नियमानुसार मुआवजा देने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट कहा कि राहत एवं बचाव कार्य केवल कागजों तक सीमित न रहें, बल्कि अधिकारी स्वयं मैदान में रहकर व्यवस्थाओं की निगरानी करें। स्थानीय परिस्थितियों पर लगातार नजर रखी जाए और जरूरत के अनुसार तुरंत कार्रवाई की जाए।
अतिवृष्टि से फसल को हुए नुकसान को लेकर भी मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जहां फसल क्षति की सूचना मिलती है, वहां तत्काल सर्वे कराया जाए। यदि किसी क्षेत्र में बुवाई प्रारंभिक अवस्था में थी और फसल नष्ट हो गई है तो प्रभावित किसानों के लिए बीज आदि की व्यवस्था की जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रशासन को प्राकृतिक चुनौती का तत्परता से सामना करना होगा। राहत और बचाव कार्यों में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों से स्थानीय स्तर पर सामने आ रही समस्याओं का तत्काल समाधान करने को कहा।
बैठक के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रीवा के गुलाब नगर क्षेत्र में जलभराव की स्थिति का मौके पर निरीक्षण किया। उन्होंने प्रभावित नागरिकों से संवाद कर जलभराव और जल निकासी की स्थिति की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को प्रभावित लोगों तक तत्काल राहत पहुंचाने और आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन लोगों को बाढ़ और जलभराव से नुकसान हुआ है, उनके प्रति पूरी संवेदनशीलता के साथ कार्रवाई की जाए और नियमानुसार मुआवजा उपलब्ध कराया जाए।
गुलाबनगर बाढ़ प्रभावित क्षेत्र के भ्रमण के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रीवा शहर में जल निकासी व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए बड़ी घोषणा की। उन्होंने आचार्य नगर से फुलमती नाले होते हुए अमहिया नाले तक निर्माण कार्य कराने की घोषणा की।
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इस निर्माण से शहर के बड़े क्षेत्र में बाढ़ और जलभराव के पानी की निकासी को अधिक सुगम बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि तत्काल राहत व्यवस्थाओं के साथ भविष्य में जलभराव की समस्या के स्थायी समाधान पर भी तेजी से काम किया जाए।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को आगामी मौसम को लेकर भी सतर्क रहने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि 24 से 27 अगस्त के बीच जिन जिलों में वर्षा चक्र सक्रिय होने की संभावना है, वहां सुरक्षा की दृष्टि से आवश्यक प्रशासनिक तैयारियां पहले से सुनिश्चित की जाएं। अधिकारियों को स्थानीय परिस्थितियों की लगातार निगरानी करते हुए जरूरत पड़ने पर त्वरित कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।