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MP के सीधी में हाथियों ने बुजुर्ग पति-पत्नी को कुचला, आक्रोशित ग्रामीणों ने शव उठाने से किया इन्कार

रात करीब 2 बजे जंगली हाथियों के झुंड ने एक कच्चे मकान को घेर लिया और घर में सो रहे वृद्ध दंपति पर हमला कर दिया। हाथियों ने मकान को तोड़ते हुए दोनों को...और पढ़ें

By Neelambuj PandeyEdited By: Dheeraj kumar Bajpai
Publish Date: Mon, 01 Jun 2026 09:22:15 AM (IST)Updated Date: Mon, 01 Jun 2026 09:56:13 AM (IST)
MP के सीधी में हाथियों ने बुजुर्ग पति-पत्नी को कुचला, आक्रोशित ग्रामीणों ने शव उठाने से किया इन्कार
दर्दनाक हादसे ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया।

HighLights

  1. 40 लोगों को विस्थापन योजना का लाभ नहीं दिया गया
  2. घटना के बाद पूरे गांव में मातम और आक्रोश का माहौल
  3. हादसा प्रशासनिक लापरवाही का परिणाम

नईदुनिया प्रतिनिधि सीधी। जिले की ग्राम पंचायत गांजर अंतर्गत चिनगी (तिलिया) गांव में रविवार देर रात एक दर्दनाक हादसे ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया।

बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर एकत्र हो गए

मृतकों की पहचान भैयालाल यादव (60 वर्ष) पिता लालमन यादव एवं उनकी पत्नी के रूप में हुई है। घटना के बाद पूरे गांव में मातम और आक्रोश का माहौल है। बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर एकत्र हो गए हैं और शवों को उठाने से इन्‍कार कर रहे हैं।

गांव के कई परिवारों को वन क्षेत्र से विस्थापित किया गया

ग्रामीणों का आरोप है कि यह हादसा केवल हाथियों के हमले का नहीं बल्कि प्रशासनिक लापरवाही का परिणाम है। उनका कहना है कि गांव के कई परिवारों को वन क्षेत्र से विस्थापित किया गया।

आज भी हाथियों के खतरे के बीच रहने को मजबूर

भैयालाल यादव का परिवार समेत लगभग 40 लोगों को विस्थापन योजना का लाभ नहीं दिया गया। इसी कारण पूरा गांव खाली नहीं हो पाया और लोग आज भी हाथियों के खतरे के बीच रहने को मजबूर हैं।

उचित मुआवजा नहीं मिलने के कारण विस्थापन के लिए तैयार नहीं

ग्रामीणों ने बताया कि विस्थापन को लेकर कई बार प्रशासन और एसडीएम कार्यालय में आवेदन दिए गए, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। वहीं कुछ लोगों का यह भी कहना है कि उचित मुआवजा नहीं मिलने के कारण कई परिवार विस्थापन के लिए तैयार नहीं हुए। उल्लेखनीय है कि पहले विस्थापन पैकेज की राशि 10 लाख रुपये प्रति व्यक्ति थी, जिसे लगभग एक वर्ष पूर्व बढ़ाकर 15 लाख रुपये कर दिया गया था।


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