रेलसेवा से जुड़े सीधी-पन्ना, दो ट्रेनों को रेल मंत्री और CM मोहन यादव ने हरी झंडी दिखाकर किया रवाना
विंध्य-बुंदेलखंड को दशकों बाद रेलवे की सौगात मिली है। रेल मंत्री और सीएम ने सतना-देवेंद्रनगर और रीवा-चुरहट रेलखंड का लोकार्पण किया। सीधी जिले में पहली बार ट्रेन पहुंची है।
Publish Date: Sun, 25 Oct 2026 12:40:45 PM (IST)Updated Date: Sun, 25 Oct 2026 12:40:45 PM (IST)
रेलसेवा से सीधी-पन्ना जुड़े। (नईदुनिया)HighLights
- सीधी जिले में पहली बार पहुंची मेमू ट्रेन।
- सतना-देवेंद्रनगर और रीवा-चुरहट रेलखंड का शुभारंभ।
- दिसंबर 2026 तक सीधी मुख्यालय पहुंचेगी ट्रेन।
नईदुनिया प्रतिनिधि सीधी। विंध्य-बुंदेलखंड की दशकों पुरानी प्रतीक्षा शनिवार को खत्म हो गई। 24 अक्टूबर का दिन विंध्य के इतिहास में दर्ज हो गया। जब सतना- देवेंद्रनगर 53 किमी और रीवा-चुरहट 65 किमी रेलखंडों के लोकार्पण के साथ सीधी जिले के रामपुर नैकिन- चुरहट क्षेत्र में पहली बार रेल पहुंची।
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने वर्चुअली हरी झंडी दिखाकर देवेंद्रनगर -चुरहट मेमू सेवा सहित दो नई ट्रेनों का शुभारंभ किया। पहले दिन यात्रियों ने मुफ्त सफर किया। दोनों ट्रेनें रविवार छोड़कर हफ्ते में छह दिन चलेंगी, नियमित संचालन 26 अक्टूबर से होगा।
दिसंबर तक सीधी, 2028 तक सिंगरौली - डिप्टी सीएम का ऐलान....
- ट्रेन में सफर के दौरान उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने बड़ा ऐलान किया। उन्होंने कहा कि दिसंबर 26 तक रेल को जिला मुख्यालय तक पहुंचा दिया जाएगा। सीधी से सिंगरौली के बीच 16 सुरंगों पर काम युद्धस्तर पर जारी है और दिसंबर 2028 तक पूरे ललितपुर-सिंगरौली कॉरिडोर को सिंगरौली तक पहुंचाने का लक्ष्य है।
- शुक्ल ने कहा यह सिर्फ पटरी नहीं, विंध्य के लिए इकोनॉमिक कॉरिडोर और लाइफलाइन है।" उन्होंने बताया कि 2016 में तत्कालीन रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने जिस परियोजना की नींव रखी थी, वह 2026 में साकार हो रही है। यह लाइन ऊर्जाधानी सिंगरौली को रीवा- सतना के सीमेंट उद्योगों से जोड़ेगी। सीधी स्टेशन शुरू होने के बाद लंबी दूरी की ट्रेनें भी चलेंगी, भोपाल-रीवा की एक ट्रेन को सीधी तक बढ़ाने का प्रयास होगा। मुआवजे पर सवालों पर उन्होंने कहा कि विसंगति दिखवाई जाएगी, असंतुष्ट किसान ट्रिब्यूनल में दावा कर सकते हैं।
मुख्यमंत्री बोले- दीपावली की रौनक बढ़ी...
- मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने वर्चुअल संबोधन में कहा कि नई रेल सेवा से दीपावली की रौनक और बढ़ गई है। अब तक वंचित रहे क्षेत्र विकास के नए दौर में प्रवेश कर रहे हैं। 541 किमी लंबी ललितपुर-सिंगरौली परियोजना एमपी-यूपी के प्रमुख जिलों को जोड़ेगी। प्रदेश में 1.15 लाख करोड़ से अधिक की रेल परियोजनाओं पर काम चल रहा है, जिससे किसानों को उपज बाजार तक पहुंचाने में सुविधा होगी और युवाओं को रोजगार मिलेगा।
- रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि आज विंध्य-बुंदेलखंड के लिए विकास की लाइफलाइन जुड़ने का दिन है। जैसे वाजपेयी सरकार ने सड़कों का विस्तार किया, वैसे ही पीएम मोदी के नेतृत्व में रेल नेटवर्क का विस्तार हो रहा है। यह लाइन ऊर्जा और उद्योगों को जोड़ेगी और विंध्य को औद्योगिक कॉरिडोर बनाएगी। उन्होंने कहा कि कटनी-सिंगरौली दोहरीकरण और रीवा-सतना दोहरीकरण से लंबी दूरी की ट्रेनें बढ़ेंगी। प्रदेश के 80 स्टेशनों पर सुविधाओं का विस्तार हो रहा है। पर्यावरण संरक्षण के लिए जितने पेड़ कटेंगे, चार गुना पौधे लगाए जाएंगे।
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कांग्रेस पर निशाना, परियोजना का लेखा-जोखा...
- रीवा सांसद जनार्दन मिश्रा ने कहा कि 1956 में कांग्रेस ने 10 साल में लाइन पूरी करने का वादा किया था, जो 1977 में सिर्फ सर्वे तक पहुंचा, 2014 में मोदी सरकार आने के बाद रफ्तार मिली। 1997-98 में स्वीकृत 541 किमी लंबी ललितपुर-सिंगरौली लाइन की लागत 925 करोड़ से बढ़कर 9 हजार करोड़ हो गई है।
- ललितपुर-खजुराहो 165 किमी पर 2016 से ट्रेनें चल रही हैं। अब 118 किमी के दो नए खंड जुड़ने से 60 प्रतिशत से अधिक काम पूरा हो गया है। रीवा-सीधी-सिंगरौली फोरलेन और रीवा एयरपोर्ट से 5 शहरों के लिए हवाई सेवा शुरू होने से विंध्य में रेल, सड़क और हवाई कनेक्टिविटी का त्रिकोण पूरा हो रहा है, जिससे उद्योग, कृषि, पर्यटन और रोजगार को नई गति मिलेगी।