• Jagran.com
  • Jagran Josh
  • Her Zindagi
  • Onlymyhealth
  • Jagran TV
  • Vishvas News
  • Inextlive
  • मेरी खबरें
मेरी खबरें
  • होम
  • ताजा खबरें
  • मध्यप्रदेश
  • छत्तीसगढ़
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • धर्म
  • मनोरंजन
  • राशिफल
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
    • बिज़नेस
    • बड़ी खबरें
    • खेल
    • विदेश
    • करियर
    • टॉपिक्स
    • टेक्नोलॉजी
    • कोरोना वायरस
    • शिक्षा
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • राशिफल
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • फटाफट
  • राशिफल
  • वेब स्टोरीज
नईदुनिया ट्रेंडिंग
  • त्विषा शर्मा केस
  • भोजशाला पर फैसला
  • ए आई बूटकैंप
  • एलपीजी संकट
  • गर्मी का मौसम
  • मध्‍य प्रदेश की खबरें
  • वास्‍तु शास्‍त्र
  • स्वच्छ जल
  • होम
  • मध्य प्रदेश
  • सागर

MP News: ईपीएफओ के तत्कालीन क्षेत्रीय आयुक्त रिश्वतखोरी के दोषी, गिरफ्तारी वारंट जारी, 30 जुलाई को सजा पर होगा फैसला

यह मामला जून 2022 का है, जब आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ सागर की टीम ने ईपीएफ के तत्कालीन क्षेत्रीय आयुक्त सतीश कुमार को उनके सिविल लाइंस स्थित सरकारी आवास प...और पढ़ें

By Digital DeskEdited By: Navodit Saktawat
Publish Date: Wed, 22 Jul 2026 11:23:33 PM (IST)Updated Date: Wed, 22 Jul 2026 11:28:27 PM (IST)
MP News: ईपीएफओ के तत्कालीन क्षेत्रीय आयुक्त रिश्वतखोरी के दोषी, गिरफ्तारी वारंट जारी, 30 जुलाई को सजा पर होगा फैसला
ईपीएफओ।

नईदुनिया प्रतिनिधि, सागर। भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के विशेष न्यायालय ने भविष्य निधि के तत्कालीन क्षेत्रीय आयुक्त सतीश कुमार को रिश्वतखोरी का दोषी ठहराया है। रिश्वतखोर अधिकारी को गिरफ्तार कर पेश करने के लिए न्यायालय ने वारंट जारी कर दिया है। सजा पर फैसला 30 जुलाई को सुनाया जाएगा।

यह मामला जून 2022 का है, जब आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ सागर की टीम ने ईपीएफ के तत्कालीन क्षेत्रीय आयुक्त सतीश कुमार को उनके सिविल लाइंस स्थित सरकारी आवास पर पांच लाख रुपये की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया था।

सतीश कुमार ने सागर की बीड़ी निर्माता फर्म बीआर एंड कंपनी के संचालक अनिरुद्ध पिंपलापुरे से कुल 10 लाख रुपये की रिश्वत की मांगी थी। यह रिश्वत बीड़ी फर्म में कर्मचारियों के भविष्य निधि से जुड़े सर्वे में सामने आई कथित अनियमितताओं को दबाने तथा श्रम कानूनों के तहत कार्रवाई नहीं करने के बदले मांगी गई थी।


इओडब्ल्यू ने शिकायत के सत्यापन के बाद जाल बिछाया। इसमें कुमार को पांच लाख रुपये की पहली किस्त लेते हुए गिरफ्तार किया गया था। बुधवार को विशेष न्यायाधीश एस हाश्मी की अदालत में मामले की सुनवाई हुई।

सुनवाई के दौरान सतीश कुमार मौजूद नहीं थे। उनके अधिवक्ता इरफान उस्मानी ने सुनवाई स्थगित करने का अनुरोध किया, लेकिन न्यायालय ने इसे अस्वीकार कर दिया।

इसके बाद अदालत ने अभियोजन पक्ष के साक्ष्यों और तर्कों के आधार पर आरोपित को दोषी ठहराते हुए गिरफ्तारी वारंट जारी करने के आदेश दिए। सुनवाई के दौरान शासन की ओर से सहायक निदेशक अभियोजन अरुण कुमार मिश्रा ने पक्ष रखा।