

नईदुनिया प्रतिनिधि, सीधी। इंसानियत और कर्तव्य की मिसाल पेश करते हुए चौकी खड्डी पुलिस ने समय रहते कार्रवाई कर एक व्यक्ति की जान बचा ली। डायल-112 के आरक्षक की सूझबूझ से न सिर्फ एक जीवन बचा, बल्कि टूटते परिवार को भी फिर से जोड़ा गया।
डायल-112 पर सूचना मिली कि ग्राम कोनिया निवासी रामकरण साकेत 60 वर्ष घर में फांसी लगाने जा रहे हैं। सूचना मिलते ही ड्यूटी पर तैनात आरक्षक रविंद्र सिंह तुरंत मौके पर पहुंचे। दरवाजा अंदर से बंद था। कई बार आवाज देने के बाद भी कोई जवाब नहीं आया तो उन्होंने देर न करते हुए दरवाजा तोड़कर अंदर प्रवेश किया। अंदर रामकरण साकेत फंदा लगाने की कोशिश कर रहे थे। आरक्षक ने उन्हें फौरन नीचे उतारकर हादसा टाल दिया।
इसके बाद रामकरण साकेत को चौकी खड्डी लाया गया। चौकी प्रभारी सउनि नीरज कुमार ने धैर्य से उनकी बात सुनी। काउंसलिंग में पता चला कि पति-पत्नी के आपसी मनमुटाव के कारण उन्होंने यह कदम उठाया था। पुलिस ने दोनों पक्षों को बैठाकर समझाइश की। विवाद सुलझने के बाद परिवार फिर से एक साथ रहने को तैयार हुआ।
पुलिस अधीक्षक संतोष कोरी ने आरक्षक रविंद्र सिंह की त्वरित निर्णय क्षमता और मानवीय संवेदनशीलता की सराहना की और उन्हें पुरस्कृत करने की घोषणा की। पुलिस अधीक्षक ने कहा कि पुलिस का काम सिर्फ कानून लागू करना नहीं, बल्कि समाज की रक्षा करना भी है।
सूचना मिलते ही आरक्षक मौके पर पहुंच गया। दरवाजा तोड़कर वृद्ध जान बचाने में सफल रहा। आरक्षक को पुरस्कृत किया जाएगा।
कमला जोशी अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सीधी