
नईदुनिया प्रतिनिधि, सतना । सतना के तिघरा के पास पानी की तलाश में तेंदुआ आ गया था। रेलवे ट्रैक पर ट्रेन की चपेट में आने से मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार तेंदुआ रेलवे ट्रैक पार कर रहा था, तभी तेज रफ्तार ट्रेन की टक्कर से उसकी मौके पर ही मौत हो गई।

रविवार की सुबह एक बार फिर रेलवे ट्रैक पर आ जाने से वन्य प्राणि कि मौत हो गई। इस संबंध में वन विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार विभाग को रविवार की सुबह आठ दूरभाष के माध्यम से रेल्वे ट्रैक पर मृत तेंदुए के पड़े होने की सूचना मिली थी।
रेल्वे पोल क्रमांक 1173 व 2325 के बीच उचेहरा रेंज अंतर्गत लौहरौरा गांव के पास से निकले रेलवे लाइन में एक तेंदुआ मृत अवस्था में पड़ा हुआ है और उसके चारों ओर काफी मात्रा में खून भी बहा हुआ है।तेंदुए कि उम्र लगभग दो से ढाई वर्ष के आसपास थी।
लिहाजा सूचना को प्रमाणित पाएं जाने पर वहां पर त्वरित रुप से डॉग स्क्वाड समेत रेंजर आदि अधिकारी पहुंचकर घटना स्थल का मुआयना लिएं। जांच उपरांत तेंदुए के शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया गया है। प्रथम दृष्टया तेंदुए कि मौत रेल्वे ट्रैक पर चलते वक्त ट्रेन कि टक्कर से हो जाने से मृत होना प्रतीत होता है।
वास्तविक कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के उपरांत ही स्पष्ट हो पाएगा। उल्लेखनीय है कि उचेहरा रेंज अंतर्गत तेंदुए वन्य प्राणियों की संख्या काफी ज्यादा है। हालंकि उनकी वास्तवकि मौजूदगी गिनती के परिणाम आने के उपरांत ही सामने आएगें।
एक तरफ जहां सतना वनमंडल से तेंदुए कि मौत हो गई है तो वहीं दूसरी ओर मैहर वनमंडल से एक वयस्क तेंदुए कि पग मार्क मिलने से लोगों में दशहत का माहौल है। दरअसल मैहर वनमंडल अंतर्गत आने वाले मा शारदा माता मंदिर क्षेत्र में तेंदुए कि पग मार्क मिले।
विभाग ने पुष्टि करते हुए बताया कि दूसरे राउंड में मंदिर के सडक़ मार्ग में देखा गया। इसके अलावा उसके साथ दो शवक भी मौजूद थे। जिनका मूवमेंट बीते पांच दिनों से माता जी के मंदिर क्षेत्र में ही है। जिसकी जानकारी लगते ही फूल-माला व प्रसाद कि दुकानदारों व आस-पास के स्थानीय लोगों के बीच दशहत का माहौल है।
कई बार आसान भोजन (बकरी, बछड़ा, कुत्ते आदि) की तालाश में तेंदुए शहर कि ओर रुख कर लेते है।
मयंक चांदीवाल, डीएफओ
यह सही बात है कि शारदा माता मंदिर क्षेत्र में तेंदुए कि मूवमेंट है, लेकिन किसी भी प्रकार कि पैनिक वाली बात नहीं है।
शुभम खरे, रेंजर मैहर