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आकाश पांडे। सतना जिले की परसमनिया गढ़ी में नागौद राजपरिवार से जुड़ा विवाद खूनी संघर्ष में बदल गया। गुरुवार को हुई फायरिंग में राजपरिवार की बहू योगिता सिंह गंभीर रूप से घायल हो गईं। पुलिस ने मामले में सुनीता सिंह को गिरफ्तार कर हत्या के प्रयास का प्रकरण दर्ज किया है, जबकि घटना के बाद वायरल हुई एक तस्वीर ने पूरे मामले को नया मोड़ दे दिया है।
योगिता सिंह, नागौद विधायक नागेंद्र सिंह के भतीजे रूपेंद्र कुमार सिंह उर्फ बाबा राजा की पहली पत्नी हैं। दोनों के बीच लंबे समय से पारिवारिक और संपत्ति संबंधी विवाद चल रहा था। गुरुवार को योगिता सिंह अपने बेटे प्रथुदेव, मां नरेंद्र कुमारी और भाई नागेंद्र सिंह के साथ समझौते और बातचीत के उद्देश्य से परसमनिया गढ़ी पहुंची थीं।
परिजनों के अनुसार बातचीत के दौरान विवाद बढ़ गया और दोनों पक्षों में कहासुनी शुरू हो गई। आरोप है कि इसी दौरान बाबा राजा ने फायरिंग के लिए उकसाया, जिसके बाद उनके साथ रह रही सुनीता सिंह ने 22 बोर की लाइसेंसी बंदूक से कई राउंड फायर किए। एक गोली योगिता सिंह के पेट में लगी, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गईं। उन्हें पहले सतना और बाद में रीवा के विंध्य मल्टी स्पेशलिटी अस्पताल में भर्ती कराया गया।
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घटना के दो दिन बाद वायरल हुए वीडियो और तस्वीरों में भाजपा विधायक नागेंद्र सिंह के भतीजे रूपेंद्र सिंह उर्फ बाबा राजा घायल हालत में नजर आए। तस्वीरों में उनके कपड़े फटे हुए दिखाई दे रहे हैं। पुलिस के मुताबिक बाबा राजा का मेडिकल भी कराया गया है।
इसके बाद योगिता सिंह के भाई नागेंद्र सिंह राठौर निवासी उदयपुर और उनके दो साथियों के खिलाफ मारपीट सहित विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। बाबा राजा पक्ष का दावा है कि फायरिंग की घटना से पहले उनके साथ भी मारपीट हुई थी। वहीं योगिता सिंह का परिवार पूरे घटनाक्रम के लिए बाबा राजा को जिम्मेदार ठहरा रहा है।
योगिता सिंह की मां नरेंद्र कुमारी का आरोप है कि उनकी बेटी पर सुनियोजित हमला किया गया। उन्होंने दावा किया कि बाबा राजा ने योगिता को धक्का दिया और जब वह जान बचाने के लिए छिपने की कोशिश कर रही थीं, तब खिड़की से गोली चलाई गई। परिवार का आरोप है कि पुलिस ने केवल सुनीता सिंह को आरोपी बनाया है, जबकि बाबा राजा की भूमिका की भी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
घटना के एक दिन बाद सोशल मीडिया पर एक तस्वीर वायरल हुई, जिसमें मुख्य आरोपी सुनीता सिंह थाने में कुर्सी पर बैठी दिखाई दे रही हैं और उन्हें कोल्डड्रिंक परोसी जा रही है। तस्वीर सामने आने के बाद पुलिस पर VIP ट्रीटमेंट देने के आरोप लगने लगे हैं। लोगों ने सवाल उठाए हैं कि आम आरोपियों के साथ सख्ती और हाई-प्रोफाइल आरोपियों के साथ नरमी क्यों बरती जा रही है।

रूपेंद्र सिंह उर्फ बाबा राजा का नाम पहले भी कई चर्चित मामलों में सामने आ चुका है। वर्ष 1991 के कुंजल भूमिया हत्याकांड और 2010-11 में एक आदिवासी युवती से जुड़े दुष्कर्म प्रकरण में भी उनका नाम चर्चा में रहा था। हालांकि इन मामलों में कानूनी कार्रवाई को लेकर समय-समय पर सवाल उठते रहे हैं।
घटना के 48 घंटे बाद सामने आए वीडियो और तस्वीरों में भाजपा विधायक नागेंद्र सिंह के भतीजे रूपेंद्र सिंह उर्फ बाबा राजा घायल अवस्था में दिखाई दिए। इसके बाद पुलिस ने योगिता सिंह के भाई नागेंद्र सिंह राठौर (उदयपुर) और उनके दो साथियों के खिलाफ मारपीट समेत विभिन्न धाराओं में एफआईआर दर्ज की। इससे मामले ने नया मोड़ ले लिया और अब दोनों पक्ष एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगा रहे हैं।
उचेहरा पुलिस ने सुनीता सिंह को गिरफ्तार कर लिया है। एसडीओपी नागौद रघु केसरी के अनुसार फायरिंग में इस्तेमाल हथियार, घटना के दौरान मौजूद लोगों की भूमिका और वायरल तस्वीर समेत पूरे घटनाक्रम की विस्तृत जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही सभी तथ्यों की स्पष्ट तस्वीर सामने आएगी।
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