
नईदुनिया प्रतिनिधि, सतना। नागौद पूर्व राजघराने की परसमनिया गढ़ी में हुए गोलीकांड मामले में अब नया मोड़ आ गया है। घटना के 48 घंटे बाद वायरल हुए वीडियो और तस्वीरों में भाजपा विधायक नागेंद्र सिंह के भतीजे रूपेंद्र सिंह उर्फ बाबा राजा घायल अवस्था में दिखाई दे रहे हैं। तस्वीरों में उनके कपड़े फटे हुए हैं और वे कथित तौर पर योगिता सिंह के स्वजन के बीच घिरे नजर आ रहे हैं।
घटना के दिन योगिता सिंह अपने पुत्र, मां और भाई के साथ परसमनिया गढ़ी पहुंची थीं। इसी दौरान विवाद बढ़ गया और बाद में गोली चलने की घटना हुई, जिसमें योगिता सिंह गंभीर रूप से घायल हो गईं। इस मामले में सुनीता सिंह को पुलिस ने गिरफ्तार किया है।
बताया जा रहा है कि बाबा राजा का मेडिकल उचेहरा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में कराया गया था। अब पुलिस ने योगिता सिंह के भाई नागेंद्र सिंह राठौर निवासी उदयपुर (राजस्थान) और उनके दो साथियों के विरुद्ध मारपीट सहित विभिन्न धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की है।
राजपरिवार के भीतर लंबे समय से पारिवारिक और संपत्ति संबंधी विवाद चल रहे थे। परिवार के करीबी लोगों का दावा है कि इन मतभेदों के कारण रूपेंद्र सिंह उर्फ बाबा राजा अन्य स्वजन से अलग-थलग पड़ गए थे। दूसरी ओर योगिता सिंह के स्वजन का आरोप है कि गोलीकांड की पूरी घटना बाबा राजा के उकसावे पर हुई थी। मामले ने तब और तूल पकड़ लिया, जब इंटरनेट मीडिया पर बाबा राजा के घायल होने के वीडियो सामने आए। वीडियो में कथित रूप से उनके साथ मारपीट होती दिखाई दे रही है।
गुरुवार को योगिता सिंह अपने बेटे प्रथुदेव, मां नरेंद्र कुमारी और भाई नागेंद्र सिंह के साथ परसमनिया गढ़ी पहुंची थीं। आरोप है कि वहां पहुंचते ही विवाद शुरू हो गया और मारपीट होने लगी। इसी दौरान स्थिति बिगड़ने पर बाबा राजा ने कथित तौर पर गोली चलाने को कहा। इसके बाद सुनीता सिंह ने पॉइंट .22 बोर की बंदूक से फायरिंग की, जिसमें एक गोली योगिता सिंह के पेट में जा लगी। घटना के बाद उन्हें गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया।
इस सारे विवाद के पीछे मुख्य कारण पेट्रोल पंप विवाद भी बताया जा रहा है। बताया जाता है कि योगिता सिंह के नाम पर संचालित पेट्रोल पंप का संचालन बाद में सुनीता सिंह करने लगी थीं। इसको लेकर दोनों पक्षों में लंबे समय से विवाद चल रहा था। यह मामला कई बार थाने तक भी पहुंचा, लेकिन किसी ठोस निष्कर्ष पर नहीं पहुंच पाया।
रूपेंद्र सिंह उर्फ बाबा राजा का नाम पहले भी कई चर्चित मामलों में सामने आ चुका है। बताया जाता है कि वर्ष 1991 में कुंजल भूमिया हत्याकांड में उनका नाम आया था। 2010-11 में एक आदिवासी युवती से दुष्कर्म के मामले में भी वे सुर्खियों में रहे थे। हालांकि इन मामलों में कार्रवाई नहीं होने को लेकर राजनीतिक प्रभाव की चर्चा होती रही है।
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नागौद राजपरिवार विंध्य क्षेत्र का प्रभावशाली परिवार रहा है। पूर्व मंत्री नागेंद्र सिंह इस परिवार से विधायक हैं और भाजपा के वरिष्ठ नेता माने जाते हैं। नागेंद्र सिंह छह बार विधायक, एक बार सांसद चुने गए हैं। उनका राजनीतिक सफर कई दशकों पुराना है, जिसमें वे विधायक से लेकर सांसद और मंत्री तक विभिन्न पदों पर रह चुके हैं।