
नईदुनिया प्रतिनिधि, सीहोर: सावन के पावन महीने और प्रदोष के दुर्लभ महासंयोग पर मंगलवार को धर्मनगरी सीहोर में श्रद्धा और आस्था का अलौकिक संगम देखने को मिला। कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा के सानिध्य में सीवन नदी के तट से कुबेरेश्वर धाम तक सुबह 10 बजे करीब 11 किलोमीटर लंबी ऐतिहासिक कांवड़ यात्रा का विधिवत शुभारंभ हुआ।
नदी तट पर विधि-विधान से पूजन-अर्चन और जलाभिषेक के बाद हर-हर महादेव और बम-बम भोले के जयकारों के बीच लाखों शिवभक्त कुबेरेश्वर धाम की ओर रवाना हुए। कांवड़ यात्रा के पूरे मार्ग से लेकर कुबेरेश्वर धाम तक हर तरफ शिवनाम की गूंज सुनाई दे रही है। श्रद्धालुओं के उत्साह और आस्था ने पूरे सीहोर को बड़े तीर्थस्थल का स्वरूप दे दिया है।
मध्य प्रदेश सहित देश के विभिन्न राज्यों से पहुंचे श्रद्धालुओं के कारण पूरा सीहोर भगवामय और शिवमय नजर आया। यात्रा मार्ग पर जगह-जगह शिवभक्तों की भीड़ और जयकारों से वातावरण भक्तिमय बना रहा।
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पंडित प्रदीप मिश्रा के अनुसार प्रदोष तिथि पर कांवड़ यात्रा का विशेष धार्मिक महत्व है। मान्यता है कि माता पार्वती और लंकापति रावण ने भी भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए प्रदोष के दिन कांवड़ यात्रा निकाली थी। श्रद्धालुओं का विश्वास है कि इस दिन सीवन नदी का पवित्र जल लेकर कुबेरेश्वर धाम पहुंचकर भगवान शिव का अभिषेक करने से मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।
श्रद्धालुओं की विशाल भीड़ को देखते हुए प्रशासन और पुलिस ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं। यात्रा की सुरक्षा और कानून व्यवस्था के लिए करीब 1200 पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया। इनमें 400 स्थानीय पुलिसकर्मी तथा अन्य जिलों से बुलाए गए करीब 800 जवान शामिल हैं। कांवड़ मार्ग, सीवन नदी तट, हाईवे और कुबेरेश्वर धाम परिसर में पुलिस बल की तैनाती की गई है।

यात्रा को देखते हुए इंदौर-भोपाल राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात व्यवस्था में बदलाव किया गया है। वाहनों की सुगम आवाजाही के लिए ट्रैफिक डायवर्ट किया गया है। हालांकि भाऊखेड़ी से बिलकिसगंज मार्ग तक जाम के हालात बने। श्रद्धालुओं और वाहनों की सुविधा के लिए विभिन्न स्थानों पर पार्किंग की व्यवस्था भी की गई है।
कांवड़ यात्रियों की सुविधा के लिए सीवन नदी तट पर विशेष इंतजाम किए गए हैं। करीब आधा किलोमीटर क्षेत्र में पाइपलाइन बिछाकर 600 से अधिक नल लगाए गए हैं। इससे श्रद्धालुओं को बिना धक्का-मुक्की के कांवड़ में पवित्र जल भरने की सुविधा मिली। जल भरने के बाद शिवभक्त जयकारे लगाते हुए कुबेरेश्वर धाम की ओर रवाना हुए।

कांवड़ यात्रा में शामिल होने के लिए मध्य प्रदेश के अलावा महाराष्ट्र, गुजरात, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान, दिल्ली और उत्तर प्रदेश सहित कई राज्यों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु सीहोर पहुंचे हैं। श्रद्धालुओं की भीड़ से शहर की सड़कों पर भगवा रंग दिखाई दे रहा है। देश के अलग-अलग हिस्सों से आए लोगों के कारण सीहोर का नजारा मिनी भारत जैसा दिखाई दे रहा है।
11 किलोमीटर लंबे कांवड़ मार्ग पर सामाजिक संगठनों और स्थानीय नागरिकों की ओर से 100 से अधिक सेवा स्टॉल लगाए गए हैं। इन स्टॉलों पर श्रद्धालुओं के लिए ठंडा पानी, चाय, नाश्ता, फलाहारी खिचड़ी और भोजन प्रसादी की व्यवस्था की गई है। यात्रा मार्ग पर जगह-जगह प्राथमिक चिकित्सा केंद्र बनाए गए हैं तथा आपात स्थिति से निपटने के लिए एंबुलेंस भी तैनात की गई हैं।