
नईदुनिया प्रतिनिधि, सिवनी। जबलपुर लोकायुक्त पुलिस ने 13 मई को सिवनी में दो अलग-अलग ट्रैप कार्रवाइयों को अंजाम देकर पुलिस विभाग के एक एएसआई और जनजातीय कार्य विभाग के एक लिपिक को रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया। धनौरा और सिवनी में एक साथ हुई कार्रवाई से दोनों विभागों में हड़कंप मच गया।
पहली कार्रवाई जिला मुख्यालय में हुई, जहां कोतवाली में पदस्थ कार्यवाहक सहायक उपनिरीक्षक (एएसआई) दिनेश रघुवंशी को बस स्टैंड की एक चाय की दुकान पर 20 हजार रुपये की घूस लेते लोकायुक्त दल ने पकड़ा।
कुरई के छीतापार गांव के आवेदक नंदकिशोर चौरसिया ने लोकायुक्त को शिकायत दी थी कि उनके बेटे के साथ नौकरी दिलाने और गाड़ी लगाने के नाम पर हुई ठगी की एफआईआर कोतवाली थाना में दर्ज है।
इस मामले की जांच कर रहे एएसआई दिनेश रघुवंशी द्वारा सही रिपोर्ट बनाने और फर्जी हस्ताक्षरों की जांच कराने के एवज में 30 हजार रुपये की मांग की जा रही थी।
13 मई को जैसे ही एएसआई ने चाय की दुकान पर रिश्वत की प्रथम किस्त में 20 हजार रुपये राशि ली। डीएसपी नीतू त्रिपाठी, निरीक्षक शशिकला मस्कुले, राहुल गजभिए और उपनिरीक्षक शिशिर पांडेय के दल ने एएसआई को रंगे हाथों दबोच लिया।
दूसरी कार्रवाई जिले के धनौरा विकासखंड में हुई, जहां जनजातीय कार्य विभाग के अधीनस्थ विकासखंड अधिकारी कार्यालय (स्थापना शाखा) में पदस्थ सहायक ग्रेड-3 अरुण कुमार कुमरे को 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते लोकायुक्त ने पकड़ा। आवेदक देवेंद्र कुमार सिरसाम सुनवारा स्कूल में भृत्य के पद पर कार्यरत हैं।
इससे पहले भीमगढ़ में पदस्थापना के दौरान 14 माह के लिए भृत्य को निलंबित किया गया था। वर्ष 2023 में बहाली के बाद उनके करीब 1 लाख 65 हजार रुपये के जीवन निर्वाह भत्ते के भुगतान के बदले लिपिक अरुण कुमरे द्वारा 32 हजार रुपये की रिश्वत की मांग की जा रही थी।
लगभग 3 साल से लंबित फाइल का निराकरण करने 25 हजार रुपये में सौदा तय हुआ था। शिकायत का सत्यापन कर लोकायुक्त ने पहली किस्त के रूप में 10 हजार रुपये लेते हुए आरोपित लिपिक (सहायक ग्रेड-3) को निरीक्षक जितेंद्र यादव, बृजमोहन नरवरिया के दल ने उसके कार्यालय में रंगे हाथों गिरफ्तार किया।
लोकायुक्त पुलिस ने दोनों भ्रष्ट कर्मचारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधन 2018) की धारा 7, 13(1)B, 13(2) के तहत मामला दर्ज कर आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।
लोकायुक्त संगठन ने आम जनता से भी अपील की है कि यदि कोई भी सरकारी अधिकारी या कर्मचारी रिश्वत की मांग करता है, तो वे बेखौफ होकर लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक कार्यालय जबलपुर के नंबरों (7999514544, 0761-2408599) पर संपर्क कर शिकायत दर्ज करा सकते हैं।