
नईदुनिया प्रतिनिधि, सिवनी। किसान मजदूर महासंघ के नेतृत्व में गुरुवार को किसान जागरण यात्रा में आसपास के क्षेत्रों के किसान ट्रैक्टर लेकर आमाझिरिया (मंडला बायपास) पहुंचे। यहां पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने किसानों को रोक दिया। राष्ट्रीय किसान मजदूर महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवकुमार शर्मा (कक्का जी) ने प्रशासनिक अधिकारियों पर आपत्तिजनक टिप्पणी की। कहा कि यदि कलेक्टर ज्ञापन लेने नहीं आतीं, तो उनके गले में ज्ञापन बांध देंगे।
सिवनी से भाजपा विधायक दिनेश राय मुनमुन ने कक्का जी के विवादित बयान की कड़ी निंदा की। उन्होंने इसे अमर्यादित बताते हुए कहा कि राजनीति चमकाने के लिए ऐसी भाषा का इस्तेमाल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि महिलाएं सदैव सम्माननीय होती हैं और जो व्यक्ति सार्वजनिक मंच पर मातृशक्ति के प्रति ऐसी अमर्यादित भाषा का प्रयोग करता है, वह किसानों का सच्चा हितैषी नहीं हो सकता।
जनसामान्य को यात्रा से होने वाली परेशानी को देखते हुए जिला प्रशासन ने मिशन स्कूल मैदान में सभा की अनुमति दी थी, लेकिन ट्रैक्टरों के शहर में प्रवेश पर रोक लगा दी गई। इस पर किसान नेताओं ने अपनी नाराजगी जताई।
आमाझिरिया में सभा के दौरान महासंघ ने जिले व देश के किसानों की 11 प्रमुख मांगों को प्रशासन के समक्ष रखा। ज्ञापन में भावांतर योजना बंद कर सभी फसलों की समर्थन मूल्य पर खरीदी की गारंटी देने, स्वामीनाथन आयोग की सिफारिश के आधार पर लाभकारी मूल्य तय करने, संपूर्ण कर्जमाफी और भारत-अमेरिका ट्रेड डील निरस्त करने की प्रमुख मांगें उठाई गईं।
स्थानीय समस्याओं को लेकर संजय सरोवर परियोजना की नहरों का सीमेंटीकरण, पेंच परियोजना की सिंचाई व्यवस्था सुदृढ़ करने, चीजबंद-बम्होरी-बंजारी जलाशय को डी-4 योजना से जोड़ने और खेत सड़क योजना प्रारंभ करने की मांग की गई। किसानों ने पर्याप्त व नियमित बिजली आपूर्ति, बिजली बिलों में हो रही अवैध वसूली पर रोक लगाने तथा ऑनलाइन खसरा-नक्शा रिकाॅर्ड की त्रुटियों को बिना किसी खर्च के सुधारने की मांग की।
किसान जागरण यात्रा को ट्रैक्टर के साथ शहर में प्रवेश करने से रोकने के लिए भारी पुलिस बल मंडला रोड बायपास आमाझिरिया के आसपास तैनात रहा। बड़ी संख्या में पुलिस बल और बेरिकेटिंग के चलते किसान जनजागरण यात्रा आमाझिरिया में ही रुक गई।
स्थिति को संभालने के लिए जिले का पुलिस बल पूरी तैयारी के साथ यात्रा समाप्त होने तक विरोध प्रदर्शन स्थल में तैनात रहा। 10 सितंबर को पुलिस और यातायात विभाग ने शहर में सुरक्षा व सुगम आवागमन के लिए व्यापक इंतजाम किए थे। सुबह 7 बजे से रात 10 बजे तक भारी वाहनों का शहर में प्रवेश पूर्णतः प्रतिबंधित रहा।
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