
नईदुनिया प्रतिनिधि,शहडोल। बाघ के शिकार और उसकी खाल व हड्डियों की विदेशों में तस्करी करने वाले अंतरराष्ट्रीय गिरोह पर मध्यप्रदेश स्टेट टाइगर स्ट्राइक फोर्स ने बड़ी कार्रवाई की है। डेढ़ साल से फरार कुख्यात बाघ शिकारी शेरू पारधी उर्फ शेरू सिंह निवासी कटनी को शहडोल जिले के ब्यौहारी से गिरफ्तार किया गया है।
प्रधान मुख्य वन संरक्षक वन्यजीव के अनुसार, वन्यजीव मुख्यालय के निर्देश पर बालाघाट में बाघ शिकार के मामले में वन 18 फरवरी 25 दर्ज अपराध में एमपीएसटीएसएफ की जबलपुर इकाई द्वारा विवेचना की जा रही है। इसी मामले में फरार आरोपी को पकड़ा गया है। इस प्रकरण में अब तक 5 राज्यों एमपी, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, मिजोरम व मेघालय से कुल 8 आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं।
विवेचना में सामने आया है कि यह संगठित गिरोह है जिसमें होशियारपुर (पंजाब), सोनीपत (हरियाणा), बद्दी (हिमाचल) और कटनी (एमपी) के शिकारी शामिल हैं। इन्होंने 2024-25 में महाराष्ट्र, तेलंगाना, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश सहित कई राज्यों में भारी मात्रा में बाघों का शिकार कर हड्डियों व अन्य अवयवों को मेघालय-असम-मिजोरम के तस्करों को बेचा।
वहां से इसे म्यांमार के रास्ते अवैध व्यापार कर चीन व अन्य देशों के वन्यजीव बाजार में भेजे जाने की संभावना है।मुखबिर तंत्र से मिली सूचना पर दल गठित कर शहडोल के आसपास सर्चिंग की गई। 04. सितंबर 2026 को घेराबंदी कर शेरू पारधी और उसकी पत्नी बिनौरी बाई को ब्यौहारी से तब गिरफ्तार किया जब वे किसी वन्यजीव के शिकार की फिराक में थे। मौके से छुरी, चाकू, कुल्हाड़ी और पक्षी पकड़ने का जाल जब्त किया गया है।
उसके विरुद्ध कर्नाटक में वर्ष 2002 और महाराष्ट्र में 2013 में दो वन अपराध दर्ज हैं, जिसमें एक मामले की जांच सीबीआई कर रही है। महाराष्ट्र वन विभाग ने उसे फरार घोषित किया था। कई राज्यों की एजेंसियों को उसकी तलाश थी।
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