_m.webp)
नईदुनिया प्रतिनिधि, शहडोल। कड़ी मेहनत के दम पर शहडोल जिले के ब्यौहारी की रहने वाली प्रियंका वाजपेई ने एक मिसाल कायम की है। मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग (MPPSC) द्वारा आयोजित हॉस्पिटल एडमिनिस्ट्रेशन एंड मैनेजमेंट परीक्षा को पहले ही प्रयास में उत्तीर्ण कर प्रियंका ने पूरे प्रदेश में 6वीं रैंक हासिल की है। इस शानदार सफलता के साथ ही उनका चयन 'सहायक प्रबंधक' (Assistant Manager) के पद पर हुआ है।
प्रियंका ने वर्ष 2021 में शहडोल जिला अस्पताल में बतौर नर्सिंग ऑफिसर अपनी शासकीय सेवा शुरू की थी। इसके बाद उनका स्थानांतरण इंदौर हो गया, जहां वे इसी पद पर कार्यरत रहीं। हालांकि, उनके मन में प्रशासनिक सेवा में जाकर स्वास्थ्य क्षेत्र को बड़े स्तर पर सुधारने का सपना था। नौकरी की व्यस्तता के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और अधिकारी बनने के अपने लक्ष्य पर केंद्रित रहीं।
साल 2023 में प्रियंका का विवाह हुआ। शादी के बाद जिम्मेदारियां बढ़ने के बावजूद उन्होंने पढ़ाई से ध्यान नहीं भटकने दिया। 8 घंटे की कठिन ड्यूटी निपटाने के बाद वे घर आकर खुद (सेल्फ स्टडी) पढ़ाई करती थीं और रोजाना महज 6 घंटे की नींद लेती थीं।
प्रियंका अपने मायके और ससुराल, दोनों परिवारों की पहली ऐसी बेटी और बहू हैं जिनका चयन MPPSC के जरिए क्लास 2 अधिकारी के रूप में हुआ है। उन्होंने अपनी इस सफलता में अपने पति निशांक के सहयोग को सबसे महत्वपूर्ण बताया, जिन्होंने हर कदम पर उनका हौसला बढ़ाया।
अपनी सफलता का श्रेय पति निशांक, माता पिता और सास ससुर को देते हुए प्रियंका ने कहा यह सफलता सिर्फ मेरी व्यक्तिगत मेहनत का परिणाम नहीं है, बल्कि मेरे पूरे परिवार के अटूट प्यार, विश्वास और लगातार मिले प्रोत्साहन की जीत है। अब मेरी कोशिश यही रहेगी कि पूरी ईमानदारी और निष्ठा के साथ अपनी नई जिम्मेदारी निभाते हुए प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं में बेहतर योगदान दे सकूं।
यह भी पढ़ें- ग्वालियर में दुकानदार को 15 मिनट तक लोहे की रॉड और डंडों से पीटा, इलाज के दौरान मौत