
नईदुनिया प्रतिनिधि, शहडोल । संभागीय मुख्यालय स्थित मेडिकल काॅलेज में बुनियादी सुविधाओं की कमी की शिकायत सामने आई है। व्हीलचेयर और स्ट्रेचर उपलब्ध नहीं होने से स्वजन पीठ पर ही मरीज को अंदर ले गया।
किसी अन्य व्यक्ति ने वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। यह एक दिन की नहीं हमेशा की समस्या है। मरीजों को अस्पताल के भीतर ले जाने में परेशानी होती है।
परिजन मरीजों को सहारा देकर या कंधों पर उठाकर अंदर ले जाने को मजबूर हैं। ग्राम पंचायत नौगमा, शहडोल निवासी देवलाल यादव पुत्र महेश यादव 35 वर्ष, को उपचार के लिए मेडिकल काॅलेज लाया गया।
आरोप है कि उन्हें अंदर ले जाने के लिए व्हीलचेयर या स्ट्रेचर नहीं मिला। स्वजनों को सहारा देकर उन्हें अस्पताल के भीतर ले जाना पड़ा, ताकि डाॅक्टर से जांच कराई जा सके और जरूरत पड़ने पर भर्ती कराया जा सके।
लोगों का कहना है कि अस्पताल के संचालन और मरीजों के उपचार पर शासन बड़ी धनराशि खर्च करता है। इसके बावजूद व्हीलचेयर और स्ट्रेचर जैसी जरूरी सुविधाएं न मिलना व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है।
गंभीर अवस्था में आने वाले मरीजों, बुजुर्गों, दिव्यांगों और चलने-फिरने में असमर्थ लोगों के लिए इनकी जरूरत अधिक होती है। अस्पताल प्रबंधन से प्रवेश द्वार और एंबुलेंस पहुंचने के स्थान पर पर्याप्त व्हीलचेयर और स्ट्रेचर उपलब्ध कराने तथा मरीजों की मदद के लिए कर्मचारियों की तैनाती सुनिश्चित करने की मांग की है।
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