
नईदुनिया प्रतिनिधि, शहडोल। लगन व मेहनत से व्यक्ति सबकुछ हासिल कर सकता है। यह सिद्ध कर दिया है जिला मुख्यालय से लगे हुए गांव शाहपुर की शुभांगी मिश्रा ने। उन्होंने वर्ष 2024 में नीट की परीक्षा पास की थी लेकिन नंबर कम आने के कारण उनको सरकारी मेडिकल कॉलेज नहीं मिल पाया। शुभांगी का डॉक्टर बनने का सपना उसी पल टूट गया। इसके बाद शुभांगी ने उसी साल आईटीआई स्टेनो में प्रवेश लेकर पढ़ाई शुरू की और साथ ही प्राइवेट तौर पर ग्रेजुएशन की पढ़ाई शुरू की।
वर्ष 2026 में शुभांगी ने कड़ी मेहनत के बल पर जून महीने में पुलिस कांस्टेबल की नौकरी हासिल कर ली। इसके बाद वह ट्रेनिंग में चली गईं। ट्रेनिंग के दौरान ही उनको पता चला कि उनकी रक्षा मंत्रालय में एसएससी के माध्यम से स्टेनो पोस्ट पर नियुक्ति मिल गई है। इसके कुछ दिन बाद ही एसआई में सफलता पाने की खबर मिली। इसके बाद जब उनको एएसआईएम सूबेदार स्टेनो के पद पर चयन होने की सूचना मिली तो उन्होंने पुलिस कांस्टेबल की ट्रेनिंग को छोड़कर सूबेदार स्टेनो की नौकरी करना स्वीकार किया।
शुभांगी का कहना है कि सपना तो डॉक्टर बनने का था पर अब सूबेदार स्टेनो की नौकरी मेरी पसंद बन गई है। इस तरह से शुभांगी ने लगातार एक ही माह में चार सफलताएं हासिल कीं। शुभांगी ने यह सिद्ध कर दिया कि दृढ़ संकल्प के सामने कोई भी बाधा बड़ी नहीं होती। शुभांगी मिश्रा ने अपनी उपलब्धियों से अपने पिता श्याम कुमार मिश्रा और मां सुनीता मिश्रा के साथ ही सभी नगर वासियों को गौरवान्वित किया है।