
नईदुनिया प्रतिनिधि, शाजापुर। शेयर मार्केट एडवाइजरी काल सेंटर के माध्यम से लोगों को लाभ का लालच देकर करोड़ों रुपये की ठगी को लेकर राज्य साइबर सेल शाखा उज्जैन द्वारा गुरुवार को शहर में बड़ी कार्रवाई की गई। टीम द्वारा शहर के लालघाटी थाना क्षेत्र में एक घर में संचालित धोखाधड़ी के काॅल सेटर पर दबिश देकर मोबाइल, कम्प्यूटर सहित अन्य उपकरण जब्त किये और छह युवक व 13 युवतियों को हिरासत में लिया है। टीम इन्हें उज्जैन स्थित कार्यालय लेकर गई है और वहां सभी से पूछताछ की जा रही है।
कार्रवाई का नेतृत्व कर रहीं राज्य साइबर सेल शाखा उज्जैन की डीएसपी लीना मारौठ ने बताया कि एडवाइजरी काॅल सेंटर के माध्यम से धोखाधड़ी किये जाने की जानकारी पर कार्रवाई की गई है। कॉल सेंटर के माध्यम से लोगों को शेयर मार्केट आदि में इंवेस्टमेंट से लाभ का लालच देकर ठगी की जाती थी। यह लोगों को बड़ा लाभ दिखाकर 30-40 प्रतिशत तक कमीशन लेते थे। राशी फर्जी खातों में जमा कराई जाती थी। जिस स्वास्तिका नाम की कंपनी के नाम से यह काल सेंटर संचालित हो रहा था। वह लाइसेंस भी फर्जी पाया गया है।

इसके साथ ही सेबी में इनका पंजीयन नही है न ही ब्रोकेज का लाइसेंस इनके पास था। छह युवती समेत 19 लोग हिरासत में धोखाधड़ी के काल सेंटर संचालन में साहिल मंसूरी और फईम गौरी की मुख्य भूमिका बताई जा रही है। डीएसपी मारौठ ने बताया कि काल सेंटर से अमन खान पुत्र इब्राहिम खान, सोहेल पुत्र समद मंसूरी और उसके भाई साहिल मंसूरी, फहीम पुत्र हाकिम गौरी और उसके भाई रेहान गौरी, फैजान पुत्र गफ्फार खां और 13 युवतियों को हिरासत में लिया है। सभी शाजापुर के निवासी हैं।
बताया जा रहा है कि आरोपितों द्वारा की जा रही ठगी की नजर बैंकों की पड़ गई थी। जिस पर उनके कई खाते फ्रिज भी किये जा चुके हैं। पहले सोमवारिया क्षेत्र में किया संचालनजिस शेयर मार्केट एडवाइजरी काल सेंटर पर राज्य साइबर सेल की टीम ने दबिश देकर 19 लोगों को हिरासत में लिया है।
वह सेंटर गिरवर रोड क्षेत्र के घर में संचालन के पहले कोतवाली थाना क्षेत्र में शहर के सोमवारिया बाजार में महिला थाने के नजदीक संचालित होता था। फरवरी माह में वहां से इसे बंद कर लालघाटी थाना क्षेत्र के गिरवर रोड स्थित घर में संचालन प्रारंभ किया गया था। खास बात यह है कि शहर के दोनों थाना क्षेत्रों में धोखाधड़ी का यह धंधा फलता-फूलता रहा।
करीब दो दर्जन लोग यहां लोगों की मेहनत की कमाई का लाखों रुपया ठगते रहे और स्थानीय पुलिस को भनक तक नही लगी। इससे पुलिस की सूचना संकलन इकाई की सक्रियता पर सवाल खड़े होने के साथ पुलिस की भूमिका भी संदिग्ध लग रही है। खास बात यह भी है कि कोतवाली थाना क्षेत्र में जुटा, सट्टा संचालन और अवैध मादक पदार्थों का विक्रय खुलेआम होने को लेकर भी कुछ दिन पहले ही स्थानीय लोगों ने एएसपी घनश्याम मालवीय को लिखित शिकायत की थी।
अब यह मामला सामने आने के बाद फिर पुलिस की कार्यप्रणाली सवालों के घेरे में है। बाक्स लगाएंतीन माह पहले लालघाटी थाना पुलिस ने दी थी दबिश करीब तीन माह पहले ही लालघाटी थाना पुलिस को इसकी भनक लग गई थी। एक एसआई के नेतृत्व में थाने की टीम इस एडवाइजरी कंपनी के कार्यालय पहुंची थी।
टीम ने यहां संचालित काॅल सेंटर से संबंधित दस्तावेज आदि भी देखे थे। किंतु कोई कार्रवाई उस समय नही की गई। सूत्रों का कहना है कि लालघाटी थाना पुलिस को उस समय किसी वरिष्ठ अधिकारी ने फोन किया था। जिसके बाद कार्रवाई आगे नही बढ़ सकी।
स्थानीय लोगों ने भी यहां लोकल पुलिस के पूर्व में आने की बात बताई है।इस तरह करते थे धोखाधड़ीजानकारी अनुसार धोखाधड़ी के लिये सॉफ्टवेयर (एप) के माध्यम से वर्चुअल कॉन्टैक्ट नंबर एवं फर्जी सिमकार्ड का उपयोग कर ग्राहकों को ठगने के लिए काल करते थे।
शेयर मार्केट में इन्वेस्टमेंट कर कई गुना मुनाफा देने के नाम से झूठ बोलकर झांसे में लेकर रुपये लेते थे। ठगों द्वारा स्वयं को सेबी रजिस्टर्ड एडवाइजरी कंपनी बताकर, अवैध रूप से लोगों का डीमैट अकाउंट का संचालन करते थे। रूपए इन्वेस्टमेंट के नाम से प्राप्त कर, ट्रेडिंग में न तो रूपए इन्वेस्ट किए जाते थे और न ही रूपए को वापस करते थे।