• Jagran.com
  • Jagran Josh
  • Her Zindagi
  • Onlymyhealth
  • Jagran TV
  • Vishvas News
  • Inextlive
  • मेरी खबरें
मेरी खबरें
  • होम
  • ताजा खबरें
  • मध्यप्रदेश
  • छत्तीसगढ़
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • धर्म
  • मनोरंजन
  • राशिफल
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
    • बिज़नेस
    • बड़ी खबरें
    • खेल
    • विदेश
    • करियर
    • टॉपिक्स
    • टेक्नोलॉजी
    • शिक्षा
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • राशिफल
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • फटाफट
  • राशिफल
  • वेब स्टोरीज
नईदुनिया ट्रेंडिंग
  • बढ़ता यूपी
  • AI बूटकैंप
  • समृद्ध उत्तराखंड
  • गणेशोत्‍सव 2026
  • हनुमान अंश
  • Mutual Funds मास्टरी
  • मध्‍य प्रदेश की खबरें
  • राशि परिवर्तन
  • मानसून
  • स्वच्छ जल
  • होम
  • मध्य प्रदेश
  • शाजापुर

बेहतर व्यवस्था बनाने के लिए आरजीपीवी को तीन हिस्सों में बांटने का फैसला : उच्च शिक्षा मंत्री इंदरसिंह परमार

राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (आरजीपीवी) को तीन विश्वविद्यालयों में बांटने और नाम बदलने के फैसले पर कांग्रेस ने सवाल उठाएं हैं। वहीं, गुरुवार...और पढ़ें

By Mohit VyasEdited By: Ramnath Mutkule
Publish Date: Thu, 03 Sep 2026 09:27:16 PM (IST)Updated Date: Thu, 03 Sep 2026 09:27:16 PM (IST)
बेहतर व्यवस्था बनाने के लिए आरजीपीवी को तीन हिस्सों में बांटने का फैसला : उच्च शिक्षा मंत्री इंदरसिंह परमार
उच्च शिक्षा मंत्री इंदरसिंह परमार और आरजीपीवी। (फाइल फोटो)

HighLights

  1. सवाल उठने पर उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार ने बताई वजह
  2. आरजीपीवी पर 585 से ज्यादा कॉलेजों का दबाव था, इससे व्यवस्थाएं प्रभावित हो रही थीं
  3. परीक्षा और परिणाम समय पर नहीं आ पा रहे, विश्वविद्यालय की बदनामी भी हुई

नईदुनिया प्रतिनिधि, शाजापुर/ शुजालपुर : राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (आरजीपीवी) को तीन विश्वविद्यालयों में बांटने और नाम बदलने के फैसले पर कांग्रेस ने सवाल उठाए हैं। वहीं, गुरुवार को विश्वविद्यालय के कर्मचारियों ने भी प्रदर्शन किया। इसे लेकर उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार ने स्थिति स्पष्ट की है।

उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार ने कहा कि आरजीपीवी पर 585 से ज्यादा कालेजों का दबाव था। इसके चलते व्यवस्थाएं प्रभावित हो रही थीं। परीक्षा और परिणाम समय पर नहीं आ पा रहे। विश्वविद्यालय की बदनामी भी हुई। इन हालातों को देखते हुए सरकार ने तकनीकी शिक्षा को तीन हिस्सों में बांटने का फैसला किया।


बेहतर सुविधा देने के लिए किया गया है

कांग्रेस द्वारा सवाल उठाए जाने पर बोले की यह फैसला किसी व्यक्ति का नाम हटाने के लिए नहीं, बल्कि तकनीकी शिक्षा को बेहतर बनाने और विद्यार्थियों को बेहतर सुविधा देने के लिए किया गया है। मध्य प्रदेश की इलाके की बनावट के हिसाब से तीन यूनिवर्सिटी के नाम महाकोशल, मध्य भारत और मालवा रखे गए हैं।

सरकार नई शिक्षा नीति-2020 के हिसाब से शिक्षा में बदलाव और विस्तार कर रही है

सरकार नई शिक्षा नीति-2020 के हिसाब से शिक्षा में बदलाव और विस्तार कर रही है। आरजीपीवी इतना बड़ा हो गया था कि काम का दबाव बहुत बढ़ गया था। दूसरी ओर कांग्रेस नेता व पूर्व मुख्यमंत्री कमल नाथ ने इंटरनेट मीडिया में पोस्ट कर इसे 'ओछी मानसिकता' बताया।

लिखा कि भाजपा खुद तो कोई नया काम नही कर पाती, बस कांग्रेस के जमाने के कार्यों की नाम पट्टिकाएं बदलने में लगी रहती है। इसे लेकर मंत्री परमार ने कहा कि परीक्षा और परिणाम में देरी जैसी समस्याओं के कारण विश्वविद्यालय की बदनामी हुई, व्यवस्था बेहतर करने और काम का दबाव कम करने के लिए इसे तीन भागों में बांटना जरूरी था।

छात्रसंघ चुनाव पर अभी फैसला नहीं

प्रदेश में छात्रसंघ चुनाव को लेकर भी मंत्री परमार ने स्थिति स्पष्ट की। वह बोले कि विभाग न्यायालय के आदेश का अध्ययन कर रहा है। सही समय पर सही फैसला लिया जाएगा। छात्रसंघ चुनाव सीधे होंगे या परोक्ष, इस पर अभी सरकार ने कोई फैसला नहीं लिया है। विस्तृत जांच के बाद निर्णय लिया जाएगा।

यह भी पढ़ें- RGPV से राजीव गांधी का नाम हटाने पर MP में सियासी बवाल: कांग्रेस बोली- 'ओछी मानसिकता, भुगतने होंगे गंभीर परिणाम'