
नईदुनिया प्रतिनिधि, शाजापुर। न्यायालय में दुष्कर्म और पाक्सो एक्ट के मामले में आपत्तिजनक इलेक्ट्रानिक सामग्री पेश करने पर मामले में न्यायालय ने सख्त रुख दिखाया और स्वत: संज्ञान लिया। प्रकरण में न्यायालय के निर्देश पर कोतवाली थाना पुलिस ने वकील समेत पांच आरोपितों पर केस दर्ज किया। चार आरोपित पूर्व में ही जेल भेजे जा चुके हैं। आरोपित वकील को बुधवार को पुलिस ने पकड़ा है। पुलिस द्वारा मामले की जांच की जा रही है।
मामले में कोतवाली पुलिस ने न्यायालय के निर्देश पर कार्रवाई करते हुए पांच मई को आरोपी इशाक शाह, इरशाद शाह, आरिफ खान, हशीर शाह और वकील बन्ने शाह के खिलाफ विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किया। तीन आरोपियों को पहले ही जमानत निरस्त कर जेल भेजा गया। इसके बाद चौथे आरोपित को गिरप्तार कर जेल भेजा और बुधवार को पांचवे आरोपितों को पुलिस ने पकड़ा है।
पुलिस द्वारा मामले में कार्रवाई की जा रही है। दरअसल आरोपियों ने नाबालिग पीड़िता के अश्लील वीडियो आपस में प्रेषित किए, जो विधि के विरूद है, इसी को लेकर न्यायालय ने मामले को गंभीरता से लिया और सख्त कार्रवाई की गई। मामले में पुलिस द्वारा मोबाइल, कम्प्यूटर सीपीयू आदि जब्त किया गया है।
जिला अभियोजन अधिकारी प्रदीप कुमार भटेले ने बताया नाबालिग के साथ दुष्कर्म के मामले में पाक्सो एक्ट का प्रकरण कोतवाली थाने में दर्ज हुआ था। प्रकरण में पुलिस ने न्यायालय में चालान पेश किया। बचाव पक्ष के द्वारा न्यायालय में इलेक्ट्रानिक सामग्री पेश की। जिसमें पीड़िता से जुड़ी आपत्तिजनक इलेक्ट्रानिक सामग्री भी शामिल थी। साथ ही आरोपितों की जमानत के लिए अर्जी लगाई गई। जिसमें न्यायालय द्वारा आरोपितों की जमानत अर्जी निरस्त कर उन्हें जेल भेज दिया गया।
गत वर्ष नाबालिग की शिकायत पर कोतवाली थाना पुलिस ने केस दर्ज किया था। कोतवाली पुलिस ने मुख्य आरोपी हशीर उर्फ अल्लाउद्दीन पुत्र रमजान शाह निवासी मुल्लाखेड़ी के खिलाफ बीएनएस की विभिन्न धाराओं और पाक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज कर उसे न्यायालय में पेश किया था। यह प्रकरण न्यायालय में विचाराधीन है, इसी में सुनवाई के दौरान वीडियो आरोपितों द्वारा आपस में प्रेषित किए जाने की बात सामने आई थी, जिस पर यह कार्रवाई की गई।