
नईदुनिया प्रतिनिधि, शाजापुर। धार स्थित भोजशाला विवाद पर इंदौर हाई कोर्ट के फैसले से सनातनियों में हर्ष का माहौल है। लोग इसे सनातन और सत्य की जीत बता रहे हैं। कहना है कि भोजशाला में अब फिर से वैभव लौटेगा और सिर्फ मंत्र, भजन गूंजेंगे। भगवा पताका लहरायेगी। फैसले पर भाजपाईयों में भी खुशी का माहौल है।
जिला कार्यालय पर भाजपा कार्यकर्ता और पदाधिकारियों ने आतिशबाजी कर मिठाई बांटकर उत्सव मनाया। जय श्रीराम और सनातन धर्म की जय के नारे लगाए। लोगों का कहना है कि मां सरस्वती के मंदिर भोजशाला के हक की लड़ाई लंबे समय से सनातनी कानूनी रुप से लड़ रहे थे। जिसमें शुक्रवार को एतिहासिक सफलता मिली।
आयोध्या की तरह ही अब यहां भी सिर्फ सनातन की ध्वजा से लहरायेगी और श्रद्धालु मां वाग्देवी का बिना रोकटोक दर्शन पूजन कर पायेंगे। लोगों ने कहा कि बसंत पंचमी सहित विभिन्न अवसरों पर भोजशाला में पुलिस के पहरे और तमाम पाबंदियों के बीच पूजन अर्चन होता था। यह स्थिति सनातनियों का आहत करती थी। किंतु आने वाले समय में इससे मुक्ति मिलेगी।
लोगों ने कहा कि मां वाग्देवी सरस्वती मंदिर के लिए कानून लड़ाई लड़ने वाले सनातनी भी प्रशंसा के पात्र हैं। उन्होंने तमाम चुनौती और कठिनाइयों का सामना किया और मजबूती से सनातन और भोजशाला का पक्ष रखा। शुक्रवार को जिले के कुछ धार्मिक स्थानों पर विशेष आरती पूजन भी किया गया।
सनातनियों ने प्रदेश और केंद्र सरकार से मांग की है कि अब ब्रिटिश संग्राहलय में रखी मां वाग्देवी की मूर्ति भी वापस लाना चाहिए और भोजशाला का वैभव भी पुन: लौटना चाहिए। यहां महाकाल महालोक उज्जैन, आयोध्या श्री राम मंदिर, पशुपति नाथ लोक मंदसौर की तर्ज पर महालोक बनाया जाना चाहिए। जिससे यह मंंदिर भी परम वैभव को प्राप्त करे और मां वाग्देवी के इस प्राचीन, एतिहासिक स्थान की ख्याति देश दुनिया में फैले।
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अब समय आ गया है इस धर्मस्थल के विकास का। संवेदनशील स्थानों पर रही नजर भोजशाला मामले में आने वाले फैसले को लेकर शुक्रवार सुबह से ही पुलिस अलर्ट रही। जिले के सभी थाना क्षेत्रों में पुलिस बल सक्रिय रहा और संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस टीम द्वारा पेट्रोलिंग भी की गई।
दरअसल मामला शुक्रवार होने के कारण भी संवेदनशील हो गया था। क्योंकि शुक्रवार को मुस्लिम समाजजन बड़ी संख्या में नमाज पढ़ने के लिए मस्जिद जाते हैं। ऐसे में पक्ष-विपक्ष में फैसला आने पर किसी भी तरह की प्रतिक्रिया, यहीं स्थिति हिंदू पक्ष को लेकर थी कि वह भी फैसले को लेकर प्रतिक्रिया दे सकते हैं।
रैली, जुलूस, ज्ञापन देने आदि की स्थिति बनती सकती है। इसे लेकर पुलिस पूरी तरह अलर्ट रही और किसी भी स्थिति से निपटने की तैयारी थी। सत्य और सनातन की जीत सत्य परेशान हो सकता है, लेकिन पराजित नहीं। सनातन समाज ने न्यायपालिका पर भरोसा जताया था, और अदालत का फैसला हिंदू पक्ष में आया है।
भोजशाला से जुड़े प्राचीन अवशेष और मां वाग्देवी की प्रतिमा सनातन संस्कृति की पहचान हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि ब्रिटिश संग्रहालय में रखी वाग्देवी की प्रतिमा भी भविष्य में भारत वापस लाई जाएगी और पुनः स्थापित की जाएगी।
- आशीष नागर, अध्यक्ष, सर्व हिंदू उत्सव समिति
हिंदू स्वाभिमान प्रतीक भोजशाला भोजशाला पर हाईकोर्ट द्वारा दिए हुए निर्णय का समस्त हिंदू समाज के लिए उत्साह उमंग का विषय है। भोजशाला हिंदू स्वाभिमान प्रतीक है। मुस्लिम आक्रांताओं द्वारा तोड़े गए अनेक मंदिरों में भोजशाला मंदिर भी सम्मिलित था। वर्षो की तपस्या, कई आंदोलन, संघर्ष और तीन कार्यकर्ताओं के बलिदान के पश्चात आज यह सुखद फैसला और समय आया है। जिससे सर्व हिंदू समाज आनंदित है।
- अनूप किरकिरे, पदाधिकारी हिंदू जागरण मंच।
सतत निगरानी रही धार भोजशाला मामले में फैसले को लेकर पुलिस अलर्ट रही। सभी थाना प्रभारियों को सुरक्षा व कानून व्यवस्था संबंधी दिशा निर्देश दिए गए थे। जिलेभर में संवेदनशील क्षेत्रों में सतत निगरानी रही और पुलिस टीमों ने पेट्रोलिंग की। वरिष्ठ अधिकारी भी फिल्ड में रहे और मॉनिटरिंग की।
- यशपालसिंह राजपूत, एसपी शाजापुर।