शाजापुर में धरती आबा योजना में खेल, 18 लाख के वाहन की जगह थमा दिए आठ लाख के लोडिंग बोलेरो
दिवासी हितग्राहियों के लिए संचालित धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के तहत संचालित आर्थिक सहायता योजना में गड़बड़ी के मामले सामने आए हैं। आरोप है...और पढ़ें
Publish Date: Fri, 24 Jul 2026 01:33:03 PM (IST)Updated Date: Fri, 24 Jul 2026 01:33:03 PM (IST)
इन्सुलेटेड वाहन स्वीकृत किए गए, लेकिन मिला लोडिंग बोलेरो। -नईदुनियाHighLights
- खाते में आए 18 लाख, अगले दिन कट गई राशि, भौतिक सत्यापन में खुलीं योजना की परतें
- मत्स्य विभाग ने अनुसूचित जनजाति वर्ग के 16 हितग्राहियों का चयन किया था
- खातों में गत 10 मार्च को 18-18 लाख रुपये की राशि जमा कराई गई
नईदुनिया प्रतिनिधि, शाजापुर : आदिवासी हितग्राहियों के लिए संचालित धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के तहत संचालित आर्थिक सहायता योजना में गड़बड़ी के मामले सामने आए हैं। आरोप है कि अनुसूचित जनजाति वर्ग के हितग्राहियों के नाम पर 18-18 लाख रुपये के इन्सुलेटेड वाहन स्वीकृत किए गए, लेकिन उन्हें लगभग आठ लाख रुपये कीमत के ही लोडिंग बोलेरो थमा दिए गए।
हितग्राहियों के बैंक खातों में सरकारी राशि जमा होने के अगले ही दिन पहले से हस्ताक्षरित चेकों के जरिए अधिकांश राशि निजी खातों में ट्रांसफर कर दी गई।
मामला शाजापुर जिले के ग्राम शादीपुरा का है, जहां मत्स्य विभाग ने अनुसूचित जनजाति वर्ग के 16 हितग्राहियों का चयन किया था। योजना के तहत विकास और रोहित भिलाला के खातों में गत 10 मार्च को 18-18 लाख रुपये की राशि जमा कराई गई।
दोनों हितग्राहियों का आरोप है कि आवेदन प्रक्रिया के दौरान उनसे छह-छह चेकों पर हस्ताक्षर करवा लिए गए। उन्हें बताया गया कि सरकार की ओर से लोडिंग वाहन उपलब्ध कराया जाएगा, जबकि 18 लाख रुपये के इन्सुलेटेड वाहन की जानकारी कभी नहीं दी गई।
ऐसे हुआ खुलासा
हितग्राहियों के अनुसार, उनके बैंक खाते आगर स्थित बैंक आफ बड़ौदा शाखा में खुलवाए गए। विकास ने बताया कि एक लेनदेन सात लाख 75 हजार रुपये और दूसरा नौ लाख 74 हजार रुपये का हुआ। उन्होंने कहा कि पैसे कब और किसके खाते में गए, इसकी उन्हें कोई जानकारी नहीं है। उनके अनुसार, खाते में राशि शाम को आई और अगले दिन दोपहर तक अधिकांश राशि कट चुकी थी। इसका खुलासा तब हुआ, जब ग्राम पंचायत सचिव ओंकारसिंह लववंशी जिला पंचायत से प्राप्त सूची के आधार पर भौतिक सत्यापन के लिए पहुंचे।
मामले की जांच कराई जाएगी
इस योजना में कुल 16 हितग्राही शामिल हैं। इनमें दो हितग्राहियों को इन्सुलेटेड वाहन दिए जा चुके हैं, जबकि पांच अन्य हितग्राहियों के लिए भी ऐसे वाहन स्वीकृत हैं। इसके अलावा नौ हितग्राहियों को मछली पालन के लिए बायोफ्लाक यूनिट स्थापित करने की मंजूरी मिली है। मामले की जांच कराई जाएगी। - विनीता गौतम, सहायक संचालक, मत्स्य विभाग, शाजापुर
योजना की जानकारी पंचायत को नहीं दी गई थी
योजना की जानकारी पंचायत को नहीं दी गई थी। जिला पंचायत से जब भौतिक सत्यापन के लिए सूची मिली, तब मौके पर जाकर कथित गड़बड़ी का खुलासा हुआ। इसकी रिपोर्ट जनपद पंचायत के सीईओ को भेज दी है। - ओकारसिंह लववंशी, सचिव, ग्राम पंचायत शादीपुरा