
नईदुनिया प्रतिनिधि, शाजापुर : शाजापुर में कुत्तों के आतंक ने लोगों को दहशत में डाल दिया है। कुत्तों के काटने से घायल होकर जिला अस्पताल पहुंचने वाले लोगों की संख्या चिंता का कारण बनी हुई है।
स्थिति यह है कि एक सितंबर को जिला अस्पताल में कुत्तों के काटने के कारण 15 लोग उपचार कराने पहुंचे। नौ लोग इनमें शाजापुर शहर के निवासी हैं, जबकि आधा दर्जन से अधिक लोग आसपास के गांव क्षेत्र के निवासी हैं। इसके पहले 31 अगस्त को भी दो लोगों को शाजापुर में कुत्तों ने काटा था। दिनों दिन बड़ रहे कुत्तों के आतंक ने लोगों को दहशत में डाल रखा है।
कुत्तों के आतंक से राहत के लिए सुप्रीम कोर्ट ने भी नगरीय निकाय और प्रशासन को दिशा निर्देश, गाइड लाइन जारी की थी। किंतु शहर में इसका भी प्रभावी ढंग से पालन नही हुआ है। कुत्तों पर नियंत्रण के लिए नगर पालिका ने नसंबदी अभियान चलाया, लाखों रुपये खर्च किए। बावजूद न तो कुत्तों के आतंक से मुक्ति मिली और न ही संख्या पर नियंत्रण हुआ। जिसके चलते विपक्ष द्वारा सिर्फ कागजों पर नसंबदी अभियान चलाने और लाखों रुपये का भ्रष्टाचार करने के आरोप भी नगर पालिका के जिम्मेदारों पर लगातार पूर्व में प्रदर्शन किया जा चुका है।
कुत्तों के हमलों की बढ़ती संख्या ने आमजन को परेशान कर रखा है किंतु जिम्मेदार अधिकारी इस समस्या के समाधान में सुस्त नजर आ रहे हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि कुत्तों की संख्या में वृद्धि और उनके आक्रामक व्यवहार ने दहशत का माहौल निर्मित कर दिया है। इस स्थिति को देखते हुए, लोगों ने प्रशासन से कड़े कदम उठाने की मांग की है।स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से अपील की है कि वे जल्द से जल्द इस समस्या का समाधान करें ताकि लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
कुत्तों की संख्या नियंत्रित करने और इससे राहत के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। पूर्व में नसंबदी अभियान भी चलाया जा चुका है। -प्रेम जैन, अध्यक्ष नपा
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