
नईदुनिया प्रतिनिधि, शाजापुर। शहर के निवासी युवक के साथ विवाह के नाम पर धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। दरअसल, धूमधाम से हुआ विवाह 25 दिन बाद ही विवाद और तनाव में बदल गया। विवाह के बाद से ही पत्नी संबंध न बनाने के लिए तरह-तरह के बहाने बनाती रही, जिससे उस पर शंका हुई। पति व परिजन ने उस पर नजर रखी। जेठानी ने उसे दाढ़ी बनाते हुए देख लिया। पड़ताल करने पर पता चला कि जिससे शादी हुई वह लड़की नहीं किन्नर है।
विवाह के नाम पर धोखा होने पर लड़के पक्ष ने लड़की पक्ष के लोगों से 24 जुलाई को फोन पर बात की। कहा कि वे अपनी बेटी को ले जाएं, जिस पर दुल्हन के परिजन शाजापुर स्थित ससुराल आए। यहां उन्होंने ससुराल पक्ष के लोगों के साथ विवाद और मारपीट की। इसकी शिकायत कोतवाली थाने में पीड़ित पक्ष ने दर्ज कराई। पुलिस ने दुल्हन (किन्नर) के पिता समेत पांच लोग निवासी राजगढ़ के खिलाफ केस दर्ज किया है।
32 वर्षीय पीड़ित युवक ने बताया कि शादी में पांच लाख रुपये खर्च हुए। साथ ही लड़की वालों ने एक लाख रुपये भी लिए थे। वे एक वर्ष बाद विवाह करना चाहते थे किंतु लड़की वालों ने जल्दबाजी की और 29 जून को पचोर के एक मंदिर में शादी की गई।
दुल्हन द्वारा विवाह के 25 दिन बाद तक बहाने बनाकर संबंध बनाने से इन्कार करने पर दूल्हे सहित परिजन को शंका हुई। उन्होंने उस पर नजर रखी। घर की महिलाओं ने देखा कि दुल्हन के शरीर पर पुरुषों की तरह बाल हैं। हाव-भाव भी उसके लड़की जैसे नहीं थे। इस पर महिलाओं ने सख्ती दिखाई और पड़ताल की तो हकीकत सामने आई।
धोखाधड़ी के गंभीर मामले में पुलिस ने भी कार्रवाई करने में लापरवाही की। दरअसल, विवाद का कारण दुल्हन का लड़की नहीं किन्नर होना है, किंतु पुलिस ने एफआईआर में इस संबंध में कोई उल्लेख नहीं किया। न ही धोखाधड़ी की धाराएं लगाईं। सिर्फ मारपीट और गाली-गलौज की सामान्य धाराओं में केस दर्ज किया। जब पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हुए। बहरहाल, कोतवाली टीआई संतोष बाघेला ने बताया कि जांच के बाद धोखाधड़ी का केस दर्ज होगा।